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Chitrakoot News: मकान खाली कराने की खुन्नास में किरायेदार ने रची अपहरण और हत्या की साजिश

Fri, 23 Jan 2026 11:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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- आरोपी इरफान ने छह माह पहले अपनी शादी के समय व्यापारी से लिए थे 25 हजार उधार
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- तीन हजार रुपये के हिसाब से बकाया था सात माह का किराया, तीन किस्त में लौटाए थे 41 हजार
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी और किरायेदार इरफान के बीच उधार ली रकम और बकाया किराये को लेकर कई बार कहासुनी हुई। इरफान ने तीन किस्त में रकम लौटाई थी। पांच हजार रुपये नहीं दे पाया था। कई बार मांगने के बाद भी रुपये नहीं मिले तो व्यापारी ने दिसंबर के पहले सप्ताह में ही उससे मकान खाली करा लिया था। पांच हजार रुपये के लिए मकान खाली कराना इरफान को नागवार गुजरा था। इसे लेकर वह उससे रंजिश मानने लगा था। जिसके चलते उसने कर्मचारी के साथ मिलकर व्यापारी के बेटे को अगवा और हत्या का तानाबाना बुना।
बाबा रमेश चंद्र केसरवानी के अनुसार आरोपी इरफान अंसारी प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के कर्मा गांव का रहने वाला है। करीब ढाई साल से उसके बेटे अशोक केसरवानी के घर में किराएदार के तौर पर रह रहा था। पहले दोनों के बीच अच्छे संबंध थे। इसी का फायदा उठाते हुए इरफान ने करीब छह माह पहले अपनी शादी के लिए अशोक से 25 हजार रुपये उधार लिए थे। इसके अलावा, इरफान पिछले सात माह से मकान का किराया भी नहीं दे रहा था। व्यापारी द्वारा लगातार रुपये की मांग करने पर दोनों के बीच कहासुनी भी हुई थी। इरफान ने तीन किस्तों में 41 हजार रुपये तो चुका दिए थे, लेकिन 5 हजार रुपये का भुगतान नहीं कर पाया था। इसी बकाया राशि के कारण व्यापारी ने 10 दिसंबर को इरफान से मकान खाली करा लिया था।
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इरफान ने जानबूझकर व्यापारी अशोक केसरवानी के बगल वाले घर में, केदार केसरवानी के यहां कमरा किराए पर लिया और उसने वहां बक्से की दुकान खोली। दुकान से ही वह व्यापारी अशोक केसरवानी और बेटों पर निगरानी रखना शुरू कर दी। (संवाद)
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परिजनों ने पुलिस से छीना शव, हाईवे पर लगाया जाम

चित्रकूट। बृहस्पतिवार की रात आयुष केसरवानी का शव मिलने के बाद परिजनों और पुलिस के बीच जमकर हंगामा हुआ। परिजनों का आरोप है कि पुलिस बिना किसी सूचना के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जा रही थी, जिसका उन्होंने विरोध किया। विरोध के दौरान पुलिस और परिजनों के बीच झड़प हुई और परिजनों ने जबरन पुलिस से शव छीन लिया।
आयुष केसरवानी का शव मिलने के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की तैयारी में थी। इसी बीच, मृतक के परिजन भी वहां पहुंच गए और उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्हें सूचित किए बिना शव को ले जाया जा रहा था। परिजनों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए उनसे शव छीन लिया। चाचा आशीष का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने लाठी फटकार कर भीड़ को तितर बितर करने की कोशिश की, जिससे अफरातफरी मच गई। कई प्रयास के बाद भी पुलिस शव कब्जे में नहीं ले पाई।
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घर के सामने और हाईवे पर जाम
पुलिस द्वारा जबरन लोगों को हटाने के बाद परिजनों ने अपने घर के सामने सड़क जाम कर दी। उनकी मांग थी कि दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर उसका एनकाउंटर किया जाए। जब पुलिस ने उन्हें वहां से भी हटाया, तो आक्रोशित परिजनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इस जाम के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, वह लोग प्रदर्शन जारी रखेंगे।
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