चित्रकूट। बुंदेली सेना ने मंदाकिनी नदी के रामघाट के विस्तारीकरण में लाखों रुपये के बोरी घोटाले का आरोप लगाया है। साथ ही जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि रामघाट के विस्तारीकरण के दौरान मंदाकिनी नदी में बड़ी संख्या में बोरियां लगाई गई थीं। दो साल में नदी की सफाई के नाम पर कई बार लाखों का भुगतान हुआ, इसके बाद भी बोरियां नदी में जमा हैं, जो पानी को प्रदूषित कर रही हैं।
आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंता ने ठेकेदार से सांठगांठ करके भ्रष्टाचार का खेल खेला। विभागीय रिकार्ड के अनुसार मंदाकिनी नदी से बोरियां निकालने के नाम पर पांच से सात रुपये प्रति बोरी के हिसाब से दो बार भुगतान किया गया है, जिसे ठेकेदार और पूर्व अधिशासी अभियंता मिलकर डकार गए।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि बोरी घोटाले की जांच होने पर बड़ा भ्रष्टाचार उजागर होगा। उन्होंने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आशुतोष कुमार का कहना है कि घाट के निर्माण के दौरान कुछ बोरियां नदी में रह गईं थीं। उनको मजदूरों द्वारा बाहर निकलवाया गया है। मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को इसका भुगतान किया गया है। उनके कार्यकाल में कोई भी गलत भुगतान नहीं हुआ है।