चित्रकूट। एआरटीओ कार्यालय में वाहन पंजीयन के लिए कर्मचारियों द्वारा रुपये मांगने के आरोप पर हंगामा हुआ।शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उनके पास इसका वीडियो भी है। कर्मचारियों ने उससे 65 हजार रुपये की मांग की है। उधर, एआरटीओ ने शिकायत को गलत बताया। कहा कि किसी कर्मचारी ने रुपये नहीं मांगे।
फतेहपुर के रारी किशुनपुर निवासी भूपेंद्र सिंंह ने बताया कि वह अपने सहयोगी के साथ एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। ट्रक का पंजीयन कराने के लिए कार्यालय के लिपिक ने उनसे 65 हजार रुपये की मांग की थी। कुछ रुपये एडवांस भी ले लिए। जब काम नहीं हुआ तो शुक्रवार को आपत्ति की। आरोप लगाया कि कार्यालय के कर्मियों ने उन्हें धमकी दी तो हंगामा हो गया। उन्होंने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं एआरटीओ रामप्रकाश सिंह ने बताया कि आरोप गलत हैं। इनके ट्रक का पंजीयन नहीं होना है। ट्रक में कागजात न होने और कई कमी होने पर चित्रकूट में चालान हुआ है। इसकी आरसी कटनी है। ट्रक बांदा में है। शिकायतकर्ता व उनके साथ आए लोगों ने पहले से ही अपशब्दों का प्रयोग कर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। पूरे मामले की जानकारी करने पर पता चला कि जिन पर आरोप लगा रहे हैं, वो बिचौलिया है। इनका विभाग से कोई मतलब नहीं है। किसी विभागीय कर्मचारी ने रुपये नहीं लिए हैं।