चित्रकूट। प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने तुलसी कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा में प्राकृतिक खेती गोष्ठी का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत मशरूम इकाई, खाद्य प्रसंस्करण एवं कंपोस्ट इकाई का शिलांयास भी किया।
सोमवार को गोष्ठी में कृषि मंत्री ने कहा कि आज कृषि उपज के उत्पादन के तरीके बदल रहे हैं। प्राकृतिक खेती को कोई नकार नहीं सकता। स्वास्थ्य व आर्थिक रूप से भी यह प्रभावी है। आज भागमभाग जमाने में किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर मुड़ना चाहिए। कम पानी वाली फसलों का उत्पादन करें। सरकार हर तरह की मदद किसानों को दे रही है।
वैज्ञानिक ममता त्रिपाठी ने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित होने वाला अन्न स्वास्थ्य के लिए लाभदायक रहता है। इसके उगाने में लागत भी कम लगती है। विजय गौतम ने कहा कि रासायनिक खेती करने से भूमि बंजर होती जा रही है। डॉ राजेंद्र सिंह नेगी ने मोटे अनाज के पोषण के बारे में जानकारी दी। कमला शंकर शुक्ला कृषि से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने कि सानों को फलदार पौधे दिए। सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 25 महिलाओं को प्रमाण पत्र दिया। कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, भाजपा के जिलाध्यक्ष लवकुश चतुर्वेदी, जिला कृषि अधिकारी रामपति शुक्ल, दीनदयाल शोध संस्थान के उप प्रबंधक डॉ. अनिल जयसवाल, अनिल कुमार सिंह, डॉ. मनोज शर्मा,डॉ. दीपेश, प्रगतिशील किसान योगेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।