चित्रकूट। बांदा-चित्रकूट संसदीय सीट तो एक है, लेकिन जिला अलग-अलग हैं। लोकसभा चुनाव में लगातार 40 साल तक सांसद चित्रकूट जिले के निवासी ही चुने जाते रहे। इस बार यह मिथक टूटा और बांदा जिले की कृष्णा पटेल जीतने में कामयाब हुईं।
अंतिम बार 1984 में बांदा-चित्रकूट सीट पर बांदा क्षेत्र के रहने वाले भीष्म देव दुबे सांसद बने थे। इसके पूर्व भी बांदा जिले क्षेत्र के ही निवासी को सफलता मिलती रही। 1989 में चित्रकूट के कम्युनिस्ट पार्टी के रामसजीवन ने बाजी मार ली। इसके बाद से लगातार 2019 तक चित्रकूट क्षेत्र के प्रत्याशियों की जीत होती रही। 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रमुख तीन दलों में सपा (इंडिया गठबंधन) से बांदा के बबेरू निवासी पूर्व मंत्री शिवशंकर पटेल की पत्नी कृष्णा पटेल, बसपा से बांदा के अतर्रा निवासी मयंक द्विवेदी और चित्रकूट के सांसद आरके पटेल चुनाव मैदान में थे। इनके बीच मुकाबले में आखिरकार बांदा जिले के बबेरू निवासी सपा प्रत्याशी कृष्णा पटेल ने बाजी मार ली।
इसे लेकर स्थानीय निवासी छेदी लाल, दीपक यादव, नीरज केसरवानी, विष्णु, वीरेंद्र गुप्ता, बृजेश कुमार, महेश प्रसाद का कहना कि इस बार बांदा क्षेत्र के रहने वाले प्रत्याशी को कामयाबी मिल गई है। अभी तक उनके क्षेत्र का सांसद रहता था। इससे जनता आसानी से उनसे मिलने के लिए चली जाती थी। अब बांदा क्षेत्र जाना पड़ेगा। (संवाद)