चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट रेनू मिश्रा ने नाबालिग के अपहरण समेत अन्य मामले में आरोपी को संदेह के आधार पर दोषमुक्त किया। यह मामला कर्वी कोतवाली से जुड़ा है।
कर्वी कोतवाली क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने वर्ष 2019 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 13 मार्च 2019 को उसकी 15 वर्षीय बेटी को बहला फुसलाकर अपने साथ लेकर चला गया था। जाते समय बेटी 10 हजार रुपये व जेवर भी ले गई। यह आरोप बांदा के थाना तिंदवारी के सेमरी निवासी नंद किशोर उर्फ पंचू कुशवाहा व आशा पर लगा था। विवेचक ने मामले की विवेचना कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान बयान और साक्ष्य के आधार पर आरोपी नंद किशोर उर्फ पंचू को संदेह के आधार पर दोषमुक्त कर जमानत बंध पत्र निरस्त किया। अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 437, के प्रावधानों के अनुपालन में उसके द्वारा 50 हजार रुपये का निजी बंधपत्र दाखिला करने साथ ही निर्णय की तारीख से सात दिन में नंद किशोर उर्फ पंचू कुशवाहा द्वारा उतनी ही राशि की दो जमानतें दाखिल की जाएं।
मारपीट में आरोपी को मिली अग्रिम जमानत
चित्रकूट। न्यायालय सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने मारपीट के मामले में आरोपी सीमा सोनी को अग्रिम जमानत दे दी है। न्यायालय ने 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र पर जमानत दी। इतनी ही राशि की एक जमानत भी दाखिल करनी होगी। यह मामला कर्वी कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है।
कर्वी कोतवाली क्षेत्र के सुनारनपुरवा शिवरामपुर निवासी तुलसी सोनी छह जून 2025 की रात को घर के दरवाजे पर खड़ा था। तभी गांव के सुरेंद्र सोनी उर्फ सोनू, सीमा सोनी, संतोष सोनी और रोशनी ने उसे लाठी-डंडों से पीटा। मारपीट में उसे गंभीर चोटें आईं। मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी सीमा सोनी के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी डाली थी। सीमा सोनी का कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है। सभी तथ्यों को देखते हुए न्यायाधीश ने कुछ शर्तों के साथ अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। (संवाद)