चित्रकूट। एमआरएफ लिमिटेड से डीलरशिप लेने के लिए संपत्ति स्वामी के नाम से फर्जी एनओसी और सहमति पत्र तैयार कर लिया। इन आरोपों में पुलिस ने कर्वी कोतवाली में टायर कारोबारी समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने ये कार्रवाई की है।
कर्वी के बल्दाऊगंज निवासी अभय प्रताप यादव ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह बांदा रोड बेड़ी पुलिया स्थित एक मकान के स्वामी हैं। उनकी मां रुक्मिणी देवी ने विक्रय विलेख के माध्यम से संपत्ति उनके नाम की थी। रिश्तेदारी के कारण महेंद्र सिंह यादव को मौखिक रूप से उठने-बैठने की सुविधा दी गई थी। आरोप है कि महेंद्र ने उक्त संपत्ति पर मैसर्स कामदगिरि टायर्स के नाम से कारोबार शुरू किया। इसके बाद उसके व उसकी मां के नाम से फर्जी एनओसी, सहमति पत्र और प्राधिकार पत्र एमआरएफ कंपनी में लगाकर डीलरशिप हासिल कर ली। कंपनी के कर्मचारियों पर बिना सत्यापन डीलरशिप देने का आरोप भी है।
पीड़ित ने कंपनी को कानूनी नोटिस भेजकर दस्तावेज मांगे, लेकिन जवाब नहीं मिला। थाना पुलिस व एसपी से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। फिर न्यायालय की शरण ली। अदालत ने सात सितंबर को सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। कोतवाल अभयराज सिंह ने बताया कि विवेचना की जा रही है।