निरीक्षण करते डीएम विशाख जी अय्यर व साथ में मौजूद सीएमएस डा.एनके गुप्ता।
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जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण डीएम ने गुरुवार को किया तो कई कमियां सामने आ गईं। दो डाक्टर समेत आधा दर्जन स्टाफ गैरहाजिर मिला। पूरे परिसर में गंदगी मिली। डीएम ने गैरहाजिर दोनों डाक्टरों और कर्मचारियों के वेतन रोकने और स्पष्टीकरण देने का फरमान सुनाया है। साथ ही शुक्रवार से सुबह 9 बजे तक प्रतिदिन डाक्टर व स्टाफ की हाजिरी की सूचना डीएम कार्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने गुरुवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड कक्ष, एक्सरा कक्ष, जनरल वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, पोषण पुनर्वास केंद्र (एन.आर.सी.), ओपीडी कक्ष, आपरेशनथियेटर, आयुष चिकित्सा भवन, औषधि वितरण कक्ष, प्लास्टर रूम का निरीक्षण किया। प्लास्टर रूम में ड्रेसिंग का सामान बाहर पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह भी दी। अस्पताल के हाल में मरीजों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दिए। साथ ही वाटर कूलर लगवाने को कहा।
अस्पताल से निकलने वाला कूड़ा बाहर फेंका जाता है उसे दूर फेंकने के निर्देश दिए। कहा कि दो दिन में व्यवस्था ठीक करें। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से कहा कि मरीजों को दिए जाने वाले खाने का मीनू निर्धारित किया जाय। इसकी सूची बनाकर अंकित की जाए। जिलाधिकारी ने गैरहाजिर स्टाफ व दो डाक्टरों के वेतन रोकने और स्पष्टीकरण देने को कहा है। शुक्रवार से रोजाना हाजिरी भेजने को कहा है। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एनके गुप्ता, अपर उप जिलाधिकारी आरडी राम आदि मौजूद रहे।
जिलाधिकारी अनोखे अंदाज में जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुुंचे। गुरुवार की सुबह आठ बजकर दस मिनट पर वह अपनी गाड़ी से कलक्ट्रेट की ओर जा रहे थे। अचानक जिला अस्पताल गेट के पहले गाड़ी रुकवाई और पैदल ही अस्पताल की ओर चल दिए। अस्पताल के अंदर कोई जान नहीं पाया कि यह डीएम हैं। कुछ देर तक वह आसपास सब जानकारी लेते रहे इस बीच सीएमएस को इसकी जानकारी हुई और वह तत्काल उनके पास आए।