रामघाट में नदी किनारे लगाई गई सुरक्षा की बेरीकेडिंग
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सोमवती आषाढ़ी अमावस्या मेला रविवार से शुरू हो गया। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एक हजार पुलिसकर्मी संवेदनशील स्थानों पर तैनात किए गए हैं। पांच स्पेशल ट्रेन व 100 से अधिक बसों से श्रद्धालुओं को सुरक्षित धर्मनगरी पहुंचाया जा रहा है। मेला मजिस्ट्रेटों की तैनाती हो चुकी है। डीएम व एसपी ने भीड़ के दबाव वाले स्थलों का निरीक्षण किया।
तीन दिन चलने वाले अमावस्या मेले का मुख्य स्नान सोमवार को है, लेकिन रविवार की रात तक ट्रेन व बसों से पहुंचे लाखाें श्रद्धालुओं ने रामघाट व आसपास के स्थानों पर अपना डेरा जमा लिया है। शाम को चित्रकूट की ओर जाने वाले वाहन खचाखच भरे रहे। पैदल भी हजारों श्रद्धालु तीर्थक्षेत्र पहुंचे। डीएम मोनिका रानी व एसपी केके चौधरी ने शाम को सभी भीड़ वाले स्थलों का निरीक्षण कर ड्यूटी पर मौजूद अधिकारी व पुलिसकर्मी को हिदायत दी कि श्रद्धालुओं की भीड़ एक स्थान पर न जमा होने पाए और सभी के साथ सभ्यता का बर्ताव करें।
चित्रकूट। मेला क्षेत्र में 14 सीओ की निगरानी है। इसके लिए बांदा, इलाहाबाद, प्रतापगढ़, कौशांबी, महोबा, हमीरपुर से पुलिस अधिकारी बुलाएं गए हैं। एसपी ने बताया कि कुल 14 सीओ, 25 एसओ, 110 एसएसआई, 550 हेड कांस्टेबल, पांच महिला एसआई, 30 महिला कांस्टेबल, सात यातायात एसआई, 55 यातायात सिपाही, 28 गुप्तचर शाखा के सिपाही व तीन फायर ब्रिगेड के एसआई तैनात हैं। इसके अलावा चित्रकूट जिले के 500 से अधिक जवान तैनात हैं।
चित्रकूट। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एक बम निरोधक दस्ता, दो डाग स्क्वायड की टीम व दो दर्जन गोताखोर पुलिस की तैनाती रहेगी। रामघाट नदी मेें डूबने से बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने चेतावनी बोर्ड लगाकर बेरीकेडिंग की है।