मानिकपुर (चित्रकूट)। जिले की सीमा से सटे मध्य प्रदेश के चितहरा के जंगल में सोमवार की सुबह बाघ ने चरवाहे पर जानलेवा हमला कर दिया। जिसे देख दो अन्य चरवाहे चिल्लाते हुए भागे। शोर सुनकर कुछ चरवाहा दौड़ पड़े। जिससे चरवाहा की जान बच सकी। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक कुछ बाघ जंगल में घूम रहे है। सोमवार को कुसियर गांव निवासी रामप्रताप पुत्र कल्लू सिंह बकरियां लेकर चराने के लिए चितरहा के जंगल में गया था। उसके साथ कई चरवाहे भी गए थे। कुछ देर बाद एक बाघ ने राम प्रताप पर हमला कर दिया। उसके साथ मौजूद दो अन्य चरवाहे शोर मचाते हुए जान बचाकर भागे। शोरगुल सुनकर दूसरे चरवाहे लाठी, फरसा व कुल्हाड़ी लेकर दौड़ पड़े। ग्रामीणों का झुंड आता देख बाघ जंगल में भाग गया। सीएचसी मझगंवा के डा. तरुण कांत त्रिपाठी ने बताया कि चरवाहे के दाहिने पैर पर बाघ ने हमला किया है। पंजे के निशान बने हैं।
सीमा के जंगल में घूम रहे तीन बाघ
मझगवां वन क्षेत्र के रेंजर दीपक राज ने बताया कि तीन बाघ कई दिनों से क्षेत्र में घूम रहे हैं। जो कभी यूपी व कभी एमपी की सीमा क्षेत्र में आ जाते हैं। दो सप्ताह पूर्व कुसमुही के जंगल में बाघ ने एक बैल का शिकार किया था। एक सप्ताह पूर्व चितहरा की बस्ती में घुसकर एक गाय के बछडे़ का शिकार किया था। चित्रकूट यूपी के एसडीओ आरके दीक्षित ने बताया कि जिले के बसिला गांव में तीन दिन के अंदर दो बार गाय के बछडे़ पर हमला कर भागने वाले जानवर के बारे में बताया जा रहा है कि वह बाघ ही है। जो कई दिनों से इस क्षेत्र में दिख रहा है।