चित्रकूट। नगर पालिका के सभासदों का आमरण अनशन दूसरे दिन एसडीएम नरेंद्र सिंह के आश्वासन पर समाप्त हो गया। एसडीएम ने बताया मांगों के संबंध में पालिका के अधिशासी अधिकारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि शासन स्तर की कुछ मांगों को विचार के लिए सरकार के पास भेजा जाएगा।
नगर पालिका में कथित रूप से धांधली और पालिकाध्यक्ष के रवैये से क्षुब्ध सभासद छह दिन से अनशन पर बैठे थे। अनशनकारी सभासदों श्याम गुप्ता, सुशील श्रीवास्तव, ब्रजेंद्र शुक्ला, दिनेश धतुरहा, रमेश सोनी, बल्लूराम निषाद, राजरानी त्रिपाठी, सविता पाठक आदि का कहना था पालिकाध्यक्ष मनमानी कर रही हैं। हालांकि पालिकाध्यक्ष नीलम करवरिया ने भी सभासदों पर कमीशन मांगने का आरोप लगाते हुए उनसे किसी तरह की बातचीत करने से इंकार कर दिया था। चार दिन बाद मंगलवार को सभासदों ने अपना अनशन क्रमिक से आमरण अनशन में बदल दिया। बुधवार दोपहर लगभग तीन बजे एसडीएम कर्वी नरेंद्र सिंह ने आमरण अनशनकारी सभासदों से लगभग एक घंटे बातचीत की। इसके बाद उन्होने जूस पिलाकर सभासदों का अनशन तुड़वाया। उन्होंने बताया सभासदों को उचित मांगें पूरी कराने के लिए आश्वस्त किया गया है। पालिका के ईओ से हर महीने तारीख तय कर बैठक कराने को कहा है। इसके अलावा ठेके के मजदूरों की फोटो लगाकर भुगतान कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। बताया कि बाईलाज उपनियम बनाकर समितियों के माध्यम से विभिन्न काम कराने की बात कही गई है। एसडीएम ने बताया अन्य मांगों को शासन के पास विचार के लिए भेजा जाएगा। इस अवसर पर पालिका ईओ लालचंद्र सरोज, विधायक मानिकपुर चंद्रभान सिंह पटेल, जिलाध्यक्ष बसपा रामलखन निषाद, जिलाध्यक्ष कांग्रेस रामभवन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
सियासी समर्थन मिलने से बढ़े हौंसलेे
सियासी समर्थन मिलने से अनशनकारी सभासदों के हौंसले बुलंद हो गए। बुधवार को सुशील श्रीवास्तव, श्याम गुप्ता और दिनेश धतुरहा ने यह कहकर पालिका प्रशासन को संकट में डाल दिया था अगर 24 अक्तूबर तक उनकी मांगें न मानी गईं तो वे लोग अन्न- जल त्याग देंगे। बुधवार को पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल ने भी अनशनकारियों से मिलकर उनकी हौसलाफजाई कर उचित मांगों पर हर संभव सहयोग देने की बात कही।