ग्रामीणों ने सीएम के साथ-साथ वित्तमंत्री को शिकायती पत्र भेजा
मऊ (चित्रकूट)। प्रशासन केसीसी बनवाने में चाहे जितनी हिदायत दे पर बैंक के जिम्मेदारों को कोई चिंता नहीं है। पिछले दिन ही डीएम नीलम अहलावत ने बैंक अधिकारियों को गांव-गांव जाकर केसीसी बनवाने को ज्यादा से ज्यादा आवेदन लेकर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं पर ऐसा लगता है कि सरकार की मंशा से जिम्मेदारों को कोई लेनादेना नहीं। रामनगर में इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में केसीसी बनवाने में कमीशन लेने की शिकायत अब ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के साथ-साथ वित्तमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर की हैं।
राजापुर थाने के छीबों निवासी सउवा ने पत्र में बताया है कि उसके अलावा गांव के जौरा, रामसिया, शिवपाल से केसीसी बनाने के नाम पर तीन से छह हजार तक कमीशन लिया गया। इसके अलावा चितभान निवासी बरिया ने कहा कि उसने दो लाख तीन हजार का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया था, जिसमें उसको छह हजार का कमीशन देना पड़ा। अभी तक पासबुक और पैसा तब भी नहीं मिला। बैंक के लोग फटकार कर भगा देते हैं। गपोलवला, फूलमती निवासी उपरौल, उमेश निवासी छीबों ने भी मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि उन लोगों से बैंककर्मियों ने कमीशन मांगा है। उधर, इस संबंध में बैंक मैनेजर सीबी सिंह का कहना था कि बैंक में दलालों का घुसना वर्जित किया गया है और इस वजह से इस तरह के आरोप लगवा रहे हैं। किसी से कोई कमीशन नहीं लिया जाता। उन्होंने दावा किया कि केसीसी के नाम पर पैसा निकाला जा रहा है और इसको रामनगर में बन रहे एक विद्यालय में लगाया जा रहा है। अब तक इसमें एक करोड़ रुपये लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं।