चित्रकूट। सितम ढाती गर्मी दो युवकों की मौत का सबब बन गई। असम से नौकरी की तलाश में मुंबई जा रहे युवक गर्मी से राहत के लिए ट्रेन के दरवाजे पर बैठकर यात्रा कर रहे थे। नींद आने से दोनों युवक चलती ट्रेन से गिरकर रेलवे ट्रैक पर जा गिरे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शव पड़े देख सुबह किसी ने इसकी सूचना मानिकपुर जीआरपी को दी। जीआरपी ने शवों की तलाशी ली तो जेब से डायरी मिली। जीआरपी ने डायरी पर लिखे नंबर पर परिजनों को सूचना दी। उधर, पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन शव देखकर फफक पड़े।
असम के धोबड़ी जिला निवासी बक्कर शेख का बेटा नजरुल हक (19) और जईमुद्दीन शेख का बेटा फिराजुल हक (21) पेशे से राजमिस्त्री का काम करते थे। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे फिराजुल हक के भाई अनवर हुसैन ने बताया दोनों 26 मई को नौकरी की तलाश में मुुंबई के लिए निकले थे। इस दौरान उनकी परिजनों से बातचीत भी हुई। मानिकपुर जीआरपी के अनुसार 27 मई की रात में लोहगरा के पास दोनों युवक चलती ट्रेन से गिरे हैं। सिर पर गंभीर चोट आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। क्षेत्रीय लोगों की सूचना पर जीआरपी मौके पर पहुंची और लोगों से पूछताछ के बाद उनकी तलाशी ली। जेब में मिली डायरी में लिखे मोबाइल नंबर के आधार पर परिजनों को सूचना दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर, परिजनों के आने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। गुरुवार को उनके परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। शव की पहचान की। युवकों का शव देखकर परिजन फफक पड़े। जीआरपी के अनुसार लंबा सफर और गर्मी अधिक होने के कारण यात्री सावधानी नहीं बरतते हैं। हवा के लिए चलती ट्रेन की खिड़की पर बैठकर यात्रा करते हैं। नींद आने के कारण हादसे का शिकार हो जाते हैं।