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खाकी में हरकत तब आई जब ‘नौनिहालों’ ने जान गंवाई

Tue, 08 Apr 2014 05:30 AM IST
Chitrakoot
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चित्रकूट। शहर के बच्चे हैवानियत का शिकार हो रहे हैं। वही खुद को हाईटेक कहने वाली पुलिस अपरहण के सभी मामलों में फिसड्डी साबित हुई है। बीते कई माहीनों से ऐसी वारदातों की बाढ़ सी आ गई है, लेकिन हर वारदात का नतीजा सिर्फ एक ही रहा। गुमशुदा का शव मिलने पर ही खाकी हरकत में आई है। उसके बाद भी पुलिस आरोपियों से दूर है। अपहरण के मामलों में पुलिस के रटे-रटाये जुमले है जैसे- कही चला गया होगा, डांटने से भाग गया है। इसके बाद गुमशुदगी दर्ज करके इतिश्री हो जाती है। अगर हाल में हुई घटनाओं को देखें तो कुछ ऐसा ही हुआ। होली के दिन घर के बाहर खेलते हुए लापता हुई बच्ची का भी शव क्षत-विक्षत अवस्था में बीसवें दिन मिला है।
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इनसेट -------------------
वारदात एक-
नौ दिन बाद मिला मासूम का शव
पहाड़ी के पटिया जत्थी निवासी विहारी लाल का बेटा कक्षा चार का छात्र सत्य नारायण (10) नहरा गांव में अपने ननिहाल में था। 28 जनवरी की शाम वह गांव में स्थित दुकान पर सामान लेने गया था, तभी अचानक गायब हो गया। 29 जनवरी को फिरौती की चिट्टी भी आई, लेकिन पुलिस बेफिक्र रही। आखिरकार नौ दिन 7 फरवरी को नहरा गांव के ही कल्लू उपाध्याय के खेत में मासूम का अधजला शव बरामद हुआ।

इनसेट -------------------
वारदात दो-
हैवानों ने आंख तक फोड़ डाली
खोह गांव निवासी राजमिस्त्री राम संवारे का छोटा बेटा दीपक नारायण (18) कल्याण भारती विद्यालय से 12वीं का छात्र था। 6 मार्च की शाम वह खेत पर जानवरों के लिए चारा लेने गया था। उसके बाद वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन के बाद अपहरण की आश्ंाका जताई, लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। घर वाले उसकी तलाश कर थक चुके थे, तभी चौथे दिन जानकारी हुई कि घर से 15 किमी दूर बूढ़ा समरवार हार के पास एक गेहूं के खेत में शव मिला है। सूचना पर दीपक के परिजन पहुंचे तो शव देखकर फफककर रो पड़े। उसका बेरहमी से कत्ल हुआ था। आंख तक फोड़ डाली गई थी।
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इनसेट -------------------
वारदात तीन-
वही हाल खुशी का हुआ
राजापुर के महुआ गांव निवासी किसान त्रिभुवन सिंह की बेटी खुशी उर्फ लवली (8) कक्षा तीन की छात्रा थी। होली के दिन 17 मार्च को वह घर के बाहर खेलते समय अचानक गायब हो गई थी। परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद अपहरण की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस उसके कही चले जाने की बात कहती रही। आखिरकार 20 दिन बाद खुशी का शव भी गडरियन पुरवा के पास नाले से बरामद हुआ है। उधर बेटी के गम में पिता की हालत गंभीर है। उनका इलाज चल रहा है। परिजनों में कोहराम मचा है।

इनसेट -------------------
वारदात चार-
कहा गिरने से हुई मौत
भरतकूप क्षेत्र के कोरिनपुरवा भवानीपुर निवासी किशोरी लाल का बेटा मनोज आठवीं का छात्र था। पिता के अनुसार वह 16 मार्च को उनका बेटा खेत की तरफ गया था। उसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। दिनभर बेटे की खोजबीन की जाती रही। कई घंटे बाद उसका शव क्षेत्र में ही पहाड़ के टीले के पास मिला था। सिर पर पिटाई के गंभीर जख्म थे। अगवा कर हत्या की शिकायत पर पुलिस ने कहा पहाड़ से गिरने से मौत हुई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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