चित्रकूट। बरगढ़ इलाके में पावर प्लांट के मुरका से सेमरा शिफ्ट होने की सुगबुगाहट से एक बार फिर जिले के लोगों को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है। कमोबेश यही स्थिति बजाज हिंदुस्तान के प्लांट को लेकर बनी थी और समय से पानी और जमीन की व्यवस्था न होने पर अखिलेश सरकार ने इस प्लांट को ललितपुर शिफ्ट कर दिया था।
मुरका में दिल्ली की निजी कंपनी क्रियेटिव थर्मोलाइट पावर प्राइवेट लिमिटेड बिजली उत्पादन के लिए प्लांट लगाने जा रही है। हालांकि अभी स्थान को लेकर भ्रम की स्थिति है। कंपनी के डायरेक्टर मलयज द्विवेदी इस संबंध में बता चुके हैं कि मुरका में पर्याप्त जमीन न मिलने से कंपनी के अधिकारी मुरका से लगभग दस किमी दूर सेमरा गांव में संभावना टटोलने जा चुके हैं। वहां से रिपोर्ट भी सकारात्मक मिलने की आशा है। बरगढ़ के इन गांवों की जमीन पथरीली होने से यहां पर प्लांट लगाना मुफीद है। जिले में जब भी प्लांट लगने की बात चलती है तो उद्योगपतियों की यहीं पर नजर रहती है। यही वजह रही कि बजाज पावर जनरेशन ने भी यहीं पर बिजली उत्पादन के लिए उद्योग लगाने की सोची थी। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, 1980 मेगावाट बिजली उत्पादन कर सरकार को बेचने की योजना भी थी। बरगढ़ के गुइयांकला और गुंइया खुर्द में कुल 750 एकड़ के आसपास जमीन की जरूरत के मुकाबले लगभग पचास एकड़ जमीन की ही व्यवस्था हो सकी थी।
अखिलेश सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस महत्वाकांक्षी प्लांट को ललितपुर में शिफ्ट करने का फरमान जारी कर दिया था। वजह पानी और जमीन की समय रहते व्यवस्था न हो पाना बताया गया। हालांकि इससे कंपनी का नुकसान के बजाए फायदा हुआ। ललितपुर में बजाज की ही बजाज पावर इनर्जी 1980 मेगावाट के पावर प्लांट का निर्माण पहले ही करा रही थी। अब दिल्ली की कंपनी क्रियेटिव थर्मोलाइट ने बरगढ़ के ही मुरका गांव में छह सौ मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना बनाई है। राज्य सरकार को यह बिजली बेची जाएगी। कंपनी के डायरेक्टर मलयज ने स्वीकार किया कि गांव में छह सौ एकड़ जमीन चाहिए पर अभी तक तीन सौ एकड़ ही खरीदी गई है। ऐसे में पास के गांव सेमरा में भी संभावना टटोली जा रही है।