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पहाड़ों में बारिश से उफनाई मंदाकिनी, चिंता बढ़ी

Sun, 18 Aug 2013 05:36 AM IST
Chitrakoot
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चित्रकूट। मझगवां के पहाड़ी क्षेत्रों में हुई तेज बारिश के चलते तीर्थक्षेत्र में मंदाकिनी का कहर बरपा है। दो दिनों के बीच मंदाकिनी में तीन बार बाढ़ आई। गुरुवार की शाम को मत्गयेंद्रनाथ की सात सीढ़ियां पानी में डूब गई थीं, जिसके चलते रामघाट में दुकानदारों को सामान दूसरे तल पर ले जाना पड़ा। वहीं राजापुर और मऊ के तटीय क्षेत्रों में यमुना के जलस्तर में वृद्धि से फसलें डूब चुकीं है। यमुना के जलस्तर में हालांकि कमी दर्ज की गई है। इससे नदी के डूब क्षेत्र में कीचड़ व सड़ांध के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है।
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रामघाट पर नाव चलने लगी। मंदाकिनी में जल स्तर बढ़ने से लोगों की फसलें भी डूब गईं। बारिश के चलते जनपद में ज्वार, बाजरा, मक्का, मूंग, उड़द, अरहर, तिल आदि की लगभग 80 फीसदी फसलों की बुवाई नहीं हो सकी। सरैंया प्रतिनिधि के अनुसार बारिश के चलते भौंरी से पहाड़ी जाने वाली सड़क बीती रात बह गई इसके चलते आवागमन बाधित हो गया। इससे लोगाें को साइकिल से भी आना जाना दुश्वार हो गया। इससे नादिन तौरा, बूढ़ा सेमरवार, बसिला, छछेरिहा, गौहानी आदि गांवों का भौंरी से संपर्क कट गया है। भारी बारिश के चलते तालाब के पानी के फैलाव के चलते गांव में सैकड़ों बीघे धान की फसल जलमग्न हो गई।
इससे गोकरण प्रसाद, नंदकिशोर, मनोज, रामनिरंजन, अंजनी, अनंदी प्रसाद, केशव प्रसाद, सरजबली, विश्वस्वरुप, उदित नारायण, अश्वनी कुमार, रामबाबू आदि किसानों का कहना है कि तालाब का पानी फैल जाने से उनकी धान की फसलें हर वर्ष डूब जाती हैं। इसके लिए उन्होंने तालाब के जल भराव क्षेत्र को कम करने अथवा अधिक जल की निकासी की व्यवस्था करने की चर्चा की। पिछले वर्ष किसानों ने तत्कालीन एडीएम केशवदास को पत्र देकर तालाब में अधिक जल भराव की समस्या से मुक्ति दिलाने की मांग की थी। उन्हाेंने तालाब से नाली बनवाने की बात कहा भी था लेकिन बाढ़ घटने के बाद अभी तक नाली नहीं बन सकी।
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मऊ प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को दोपहर से बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। यमुना का जल स्तर बहुत ही धीमी गति से घट रहा है। जिसके चलते मऊ क्षेत्र के कई गांवों जाने के लिए सड़कें डूब गई हैं। मवईकला गांव भरा यमुना का पानी अभी भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। लोगों को जरूरी सामान के लिए कस्बे तक आने को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। राजापुर क्षेत्र में यमुना नदी के जलभराव से मंदाकिनी और यमुना के तटवर्ती क्षेत्रों में जलभराव होने से फसलें डूब गईं हैं।

इनसेट -------------------
डैम लबालब, फाटक खोले गए
उधर ओहन डैम भी लबालब भरा है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता महेंद्र सिंह ने बताया कि ओहन डैम में भरपूर पानी है। इस समय बांध का जलस्तर 558.8 फीट है जबकि इसकी क्षमता 561 फीट की है। उन्हाेंने बताया कि इस समय बांध में 1189.84 मिलियन घन ली पानी स्टोर हो चुका है। उन्हाेंने बताया कि कल रात बांध के फाटक खोल दिए गए हैं। वहीं रैपुरा डैम के अवर अभियंता गुुर प्रसाद ने बताया कि डैम का जलस्तर 121.50 मीटर है। बिलहरी गांव की दिक्कतों को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर डैम को इस साल 121.50 मीटर तक ही भरा जाएगा। उन्होने बताया कि डैम का फाटक खोल दिया गया है।

इनसेट -------------------
... बारिश केे चलते घर गिरे
भारी बारिश के चलते रैपुरा गांव के बुटुआ देवी पत्नी जगदीश प्रसाद का कच्चा घर 14 अगस्त को रात में गिर गया। इससे उसकी गृहस्थी का लगभग सत्तर हजार की कीमत का सामान मलवे में दब गया। घर गिरने से परिवार सड़क आ गया। उसने एसडीएम कर्वी अभयराज से मदद की गुहार लगाई। उधर गुरुवार को रात में बारिश से सदर बाजार में दुर्गावती पत्नी ओमप्रकाश करवरिया और प्रेमादेवी पत्नी उमादत्त मिश्रा का पुराना मकान बारिश से जमींदोज हो गया।
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