चित्रकूट। भाजपाइयों का सड़कों की बदहाली को लेकर क्रमिक धरना लगातार जारी है। धरने को लेकर प्रशासन के नुमाइंदों की उपेक्षा से भाजपाई आहत हैं और जाहिर है इससे कहीं न कहीं मायूसी भी है। दो दिन से मंच पर बैठने, न बैठने को लेकर आपसी मुहांचाही भी शायद इसी का नतीजा है। जिलाध्यक्ष जयविजय सिंह हालांकि पूरे मामले को यह कहकर नजरंदाज करने की कोशिश करते हैं कि हमारे यहां अनेकता में एकता है और हम जनसमस्याओं के लिए लड़ते रहेंगे।
हाईवे और अन्य सड़कों की बदहाली को लेकर भाजपा की जिला इकाई एसडीएम कार्यालय के पास क्रमिक धरने पर है। बुधवार को इसका चौथा दिन है। मंच पर बैठने को लेकर मंगलवार को कुछ पदाधिकारियों में खींचतान की बात सामने आई थी और लगता है बुधवार को भी इसकी छाया रही। यहां बैठने को लेकर जबर्दस्त मुहांचाही हुई और एक पदाधिकारी ने तो यहां तक कह दिया कि तुम्हई सब बैठिहौ, दूसर न बैठी का। इसके बाद एक युवा पदाधिकारी को गुस्साकर जाते देखा गया तो एक पदाधिकारी के आंसू तक निकल पड़े। कुछ भाजपाई तो यह कहते सुने गए कि लोग आते हैं, भाषण देकर चले जाते हैं। इस संबंध में जब जिलाध्यक्ष जयविजय सिंह से बात की गई तो उन्होंने पूरे वाकये से इनकार ही कर दिया और बोले, ऐसी कोई बात नहीं हुई। यह झूठ है, गलत है। उन्होंने कहा कि भाजपा में अनेकता में एकता है और हम विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं को लेकर उन लोगों की लड़ाई जारी रहेगी और जरूरत पड़ी तो जनता का भी सहयोग लिया जाएगा। आज के धरने की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष आनंद प्रताप सिंह ने की। जयविजय सिंह, भैरों प्रसाद मिश्र, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, दिनेश तिवारी, रामदयाल त्रिपाठी, रंजना उपाध्याय, दशरथ प्रजापति, पंकज अग्रवाल आदि मौजूद रहे।