चित्रकूट। चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीर, तुलसीदास चंदन घिसै तिलक देत रघुवीर। रामचरितमानस के रचयिता तुलसीदास का यह प्रसिद्ध दोहा ही भारतीय जनता पार्टी की 2 अप्रैल से होने जा रही बहुप्रचारित, बहुद्देश्यीय तीन दिवसीय प्रदेश परिषद की बैठक में मंच पर दिखेगा। बैठक की जिस तरह से तैयारियां चल रही हैं और जिस तरह से मंच की साज सज्जा से लेकर शहर में लगने वाले कटआउट पर दिशा निर्देश जारी दिए जा रहे हैं, उससे लगता तो यही है कि चित्रकूट के बहाने यह संदेश देने की कोशिश होगी कि भाजपा कम से कम प्रदेश में मंदिर और हिंदुत्व के मुद्दे से मुंह नहीं मोड़ेगी।
भाजपा की कमान राजनाथ सिंह के हाथों पहुंचने के बाद यह पार्टी की सबसे महत्वपूर्ण बैठक मानी जा रही है और इस तीन दिवसीय बैठक में पार्टी के लगभग सभी बड़े नेताओं के शिरकत करने की बात कही जा रही है। राजनाथ सिंह को पार्टी में वैसे भी राम मंदिर का हिमायती माना जाता रहा है और हिंदुत्व मुद्दे के लिए भी उनके दिल में साफ्ट कार्नर रहा है। ऐसे में चित्रकूट में उप्र, जो निश्चित रूप से लोकसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, के परिषद की बैठक का आयोजन करना कई मायनों से एक तीर से कई निशाने साधने वाला माना जा रहा है। पार्टी के अंदरखाने से छनकर आने वाली जानकारी भी यही बात साबित कर रही है कि इस बार यहां से ही चुनावी बिगुल फूंका जा रहा है। पुष्ट सूत्रों के मुताबिक मंच पर वनवासी प्रभु श्रीराम के कटआउट, हनुमान धारा और कामदगिरि के चित्रों के साथ तुलसीदास का मशहूर दोहा तो होगा ही साथ ही नेताओं के कटआउट और चित्र भी नजर आएंगे। इनमें श्यामाप्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरलीमनोहर जोशी और राजनाथ सिंह हैं। साथ ही मंच पर विवेकानंद और भारत माता के भी बड़े कटआउट होंगे। प्रेरणादायक वाक्यों में भी हिंदुत्व विचारधारा की बातें रखने की हिदायतें दे दी गई हैं। तैयारी इतनी जोरदारी से चल रही है कि प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह कई दिन से यहीं पर डेरा डाले हुए हैं और निर्देश छोटी छोटी बातों पर भी दिए जा रहे हैं मसलन पूरे शहर में भी जिन प्रमुख हस्तियों के चित्र या कटआउट होंगे उनके भी नाम तय हैं, इनमें सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, मुख्तार अब्बास नकवी, अशोक प्रधान, हवर चंद्र गहलौत, नितिन गडकरी, बंगारू लक्ष्मण, विनय कटियार, कलराज मिश्र, कुशाभाऊ ठाकरे, उमा भारती, नरेंद्र मोदी, लक्ष्मीकांत वाजपेयी, डा. नेपाल सिंह, हुकुम सिंह, केसरीनाथ त्रिपाठी, सूर्यकांत शाही, रमापति राम त्रिपाठी हैं। मतलब साफ है कि कोई भी स्थानीय नेता अपने हिसाब से कटआउट भी लगाकर अपनी निष्ठा न प्रदर्शित करे। मंच पर कुल 15 लोग बैठेंगे और नीचे दो सौ कुर्सियां होंगी। बाकी लोग नीचे। शनिवार को स्वतंत्र देव सिंह ने जिलाध्यक्ष जयविजय सिंह और दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव भरत पाठक के साथ आरोग्यधाम में हेलीपैड को देखा। साथ ही कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर विभिन्न जिम्मेदारियों की समीक्षा की।