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आठ वर्ष से फरार सवा लाख के इनामी को दबोचा

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मानिकपुर (चित्रकूट)। चलती ट्रेन से सिपाहियों को चकमा देकर आठ साल पहले भागे सवा लाख रुपये के इनामी अभियुक्त को मानिकपुर जीआरपी टीम ने दबोच लिया है। इसके कब्जे से कई फर्जी कागजात बरामद हुए है। इस पर लूट, अपहरण व दुष्कर्म समेत आठ मामले जीआरपी थानों में दर्ज हैं। इसकी तलाश चित्रकूट से लेकर झांसी प्रयागराज रेलवे की पुलिस टीम कर रही थी।
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मानिकपुर जीआरपी प्रभारी एके सरोज ने बताया कि मानिकपुर जीआरपी की दो टीमें हरियाणा से लेकर सूरत के कई स्थानों पर खोजबीन कर रहीं थीं। अभियुक्त अनिल उर्फ प्रभुमंडल पुत्र बिरजू मंडल निवासी ग्राम बिरला डाबर थाना जमुवाचिल्ली जिला गिरडीह झारखंड पुलिस से लुकाछिपी कर रहा था। मुखबिर से सूचना मिली कि शनिवार को यह संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से दिल्ली की ओर से रवाना हुआ है। जिस पर पुलिस टीम सक्रिय थी। रविवार की सुबह जैसे ही ट्रेन मानिकपुर के प्लेटफार्म नंबर चार पर रुकी तो अनिल उर्फ प्रभुमंडल उतरकर सूनसान रास्ते से जाने लगा तभी पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया है। इसके खिलाफ लंबापत थाना सूरत में अपहरण व दुष्कर्म का मामला दर्ज था।
इस टीम में एसओ अरविंद कुमार सरोज, दरोगा विषयदेव बुंदेला, हरिओम मिश्रा, सिपाही परवेज खान, मो. करीम खां, सर्विलांस के राजीव कुमार, पंकज कुमार, सिपाही हेमंत कुमार, बृजेश कुमार, अरविंद कुमार, हिमांशु त्रिपाठी शामिल रहे।
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इनसेट
साल 2013 में चलती ट्रेन से भागा था
साल 2013 में उप निरीक्षक जयसुख बीजत व सिपाही घनश्याम शातिर बदमाश अनिल उर्फ प्रभुमंडल को झारखंड से गिरफ्तार कर गुजरात ले जा रहे थे। रास्ते में होली-डे एक्सप्रेस से पुलिस अभिरक्षा से मानिकपुर जंक्शन में कूदकर भाग गया था। जिस पर जीआरपी मानिकपुर में अभियुक्त के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था। 21 मई 2014 को यह फरार घोषित किया गया। करीब आठ सालों से अभियुक्त नाम, पता बदल कर सूरत, चंडीगढ़, फतेहाबाद में रहता था। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक रेलवे मुरादाबाद-झांसी ने 25 हजार व पुलिस महानिरीक्षक रेलवे प्रयागराज ने एक लाख का इनाम घोषित किया था।
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