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शहर में नए विद्युत सब स्टेशन का शुभारंभ

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शहर में नए विद्युत सब स्टेशन का शुभारंभ

अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। शहर के पुरानी बाजार स्थित धुस के मैदान में बनाए गये 33/11 केवीए का विद्युत सब स्टेशन का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस पावर हाउस के बनने से शहर सहित कई गांवों को राहत मिलेगी।
पावर हाउस का शुभारंभ सांसद भैरो प्रसाद मिश्रा ने किया। संासद ने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली की समस्या निदान के लिए कई कार्य कर रही है। पावर हाउसों का निर्माण कराने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जहां आज तक बिजली नहीं पहुंची वहां पर बिजली घर-घर पहुंचाई जा रही है। सदर विधायक चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि विद्युत सब स्टेशन बनने से शहर की विद्युत व्यवस्था सुधर जाएगी। जब बिजली व्यवस्था प्रदेश की सुधर जाएगी तो उद्योग धंधे भी लगने लगेंगे। जिससे युवकों को रोजगार मिलने लगेगा। मुख्य अभियंता बांदा राजेंद्र प्रसाद एसडीओ राघवेेंद्र कुमार, अवर अभियंता विजय बहादुर, बिजली कर्मचारी संघ के प्रांतीय मंत्री रामलाल पाल, सहित भाजपा नेता पंकज अग्रवाल, प्रतिनिधि सुशील द्विवेदी, नीरज गर्ग, शक्ति प्रताप सिंह, रवित्रिपाठी, चंद्र प्रकाश खरे व भागवत द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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सब स्टेशन से 5 फीडर बनाएं जाएंगे
चित्रकूट। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता जेपी एन सिंह ने बताया कि बनाए गए पावर हाउस उप केंद्र के निर्माण की लागत लगभग 3.5 करोड़ हैं। इसमे 5 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगे हैं। इस सब स्टेशन पर 360 एम्पीयर लोड है। इससे 5 आउट गोइंग फीडर लगाया जाएगा। जिसमें कर्वी 3 फीडर, एलआईसी, जल संस्थान, चित्रकूट स्टेशन टांसफार्मर फीडर बनाए गये हैं। इससे सबसे अधिक पुरानी बाजार, मिशन रोड़ के निवासियों को फायदा होगा। एक दर्जन से अधिक गांवोें को भी फायदा होगा। बनकट में बने पावर हाउस का लोड कम हो जाएगा। जिससे वहां पर फाल्ट कम हो जाएगा।
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नियम के विपरीत लगाई गई केबिले
चित्रकूट। बनाए गये विद्युत सब स्टेशन में लगाई गए के बल विद्युत विभाग के नियमों के विपरीत लगाई गई है। सब स्टेशन के बाहर जमीन के अंदर ही कई मीटर केबल बिना पक्की नाली व चैंबर के लगा दी गई है। बताया जा रहा है कि जबकि नियम है पक्की नाली का निर्माण कर उसमें बालू डाली जाए इसके बाद केबिल डालकर चेंबर बनाने के बाद ढका जाए। जबकि ऐसा यहां पर ठेकेदार ने नहीं किया। पावर हाउस के अंदर नाली तो बना दी गई पर कई स्थान पर उसके अंदर बालू नहीं डाली गई। जिससे करंट फैलने का डर बना हुआ है।
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