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Chitrakoot News: पंजीकृत 50, सड़कों पर दौड़तीं 100 से ज्यादा प्राइवेट बसें

Wed, 03 Jun 2026 12:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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चित्रकूट। जिले में निजी बसों के संचालन में परिवहन नियमों की अनदेखी खुलेआम हो रही है। परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में जहां जिले में करीब 50 निजी बसें पंजीकृत हैं। वहीं जिला मुख्यालय से विभिन्न रूटों पर 100 से अधिक प्राइवेट बसें सवारियां ढोती नजर आ रही हैं। इनमें से अधिकांश बसों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है। इनमें न तो इमरजेंसी गेट की समुचित व्यवस्था है और न ही अग्निशमन यंत्र एवं फर्स्ट एड बॉक्स मौजूद हैं।

सोमवार को अस्थायी रोडवेज बस स्टॉप और आसपास खड़ी बसों की पड़ताल में कई चौंकाने वाली खामियां सामने आईं। इसके बाद भी यह बसें रोजाना राजापुर, पहाड़ी, मानिकपुर, मऊ, बांदा और प्रयागराज जैसे रूटों पर सवारियों को लेकर दौड़ रही हैं। निजी बस संचालक रोडवेज की तुलना में 10 से 20 रुपये कम किराया लेकर यात्रियों को आकर्षित कर रहे हैं। यही वजह है कि सुरक्षा सुविधाओं के अभाव के बावजूद बड़ी संख्या में यात्री इन बसों में सफर करने को मजबूर हैं।
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सीन-1







अस्थायी रोडवेज बस स्टॉप के पास प्रयागराज जाने वाली सवारियों का इंतजार कर रही यूपी-70 एचटी-5011 बस में सामने लगे शीशे में वाइपर तक नहीं थे। बस के भीतर चालक और परिचालक के पास कहीं भी अग्निशमन यंत्र दिखाई नहीं दिया। जब परिचालक से फर्स्ट एड बॉक्स के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि यह व्यवस्था तो सिर्फ सरकारी बसों में होती है। बस में बैठे यात्रियों ने बताया कि रोडवेज बसों की अपेक्षा किराया कम होने के कारण वे इस बस में सफर कर रहे हैं हालांकि सुरक्षा सुविधाओं की कमी चिंता का विषय है।
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सीन-02







राजापुर जाने वाली सवारियों के इंतजार में खड़ी बस यूपी-90 टी-2286 में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिली। बस में इमरजेंसी एग्जिट जाम था। इसके अलावा अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स भी मौजूद नहीं थे। यात्रियों ने बताया कि ऐसी बसों में सफर करना जोखिम भरा लगता है लेकिन कम किराए और सीमित विकल्पों के कारण उन्हें इन्हीं बसों का सहारा लेना पड़ता है।

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क्या हैं नियम

मोटर वाहन नियमों के अनुसार सार्वजनिक परिवहन वाहनों में अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट और आपातकालीन निकास जैसी सुविधाएं अनिवार्य हैं।





शहर में दौड़ रही प्राइवेट बसों को लेकर लगातार चेकिंग की जा रही है। जल्द ही अभियान चलाकर ऐसी बसों पर कार्रवाई की जाएगी।- राजीव कुमार, एआरटीओ
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