चित्रकूट। मऊ तहसील क्षेत्र में 800 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र पार्क बनेगा। यह पार्क केंद्र और प्रदेश सरकार के संयुक्त उपक्रम टुस्को लिमिटेड विकसित कराएगी। यह न केवल प्रदेश को स्वच्छ और हरित ऊर्जा प्रदान करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति देने की उम्मीद है।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए चित्रकूट के मऊ तहसील में यह परियोजना नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 18 अगस्त 2021 को स्वीकृत हुई थी। 18 दिसंबर 2023 को पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल शिलान्यास किया था। बाद में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और यूपी नेडा के संयुक्त उपक्रम टुस्को लिमिटेड द्वारा 800 मेगावाट क्षमता के अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क का भूमि पूजन किया गया था। यह नींव मऊ-मानिकपुर के विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी व तत्कालीन डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने संयुक्त रूप से किया था।
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3600 एकड़ जमीन पर विकसित होगा सौर ऊर्जा पार्क
800 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र पार्क बनाने के लिए करीब 3600 एकड़ जमीन चिह्नित की गई। यह भूमि पाठा क्षेत्र के 15 गांवों खरगदाह, छटैनी माफी, मनका छटैनी, गहुर, कोटवा माफी, डोंडिया माफी, कटैया दांडी, छारेहारा, चाचोखर, उसरी माफी, बरगढ़, अटारी मजरा, गोइया कलां, गोइया खुर्द और सेमरा में फैली हुई है। भूमि को 30 वर्षों के लिए पट्टे पर लिया जा रहा है। अब तक 3300 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। शेष लगभग 300 एकड़ भूमि का अधिग्रहण चल रहा है।
युवाओं को रोजगार के मिलेंगे अवसर
टुस्को लिमिटेड द्वारा 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन और 23/220 केवी क्षमता के सबस्टेशनों सहित आंतरिक विद्युत निकासी प्रणाली का निर्माण प्रस्तावित है। ग्रिड सबस्टेशन के लिए आवश्यक भूमि उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड को सौंप दी गई है। इसके लिए एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की सहायक कंपनी एनटीपीसी रिन्यूएबल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड को सौर ऊर्जा विकासकर्ता के रूप में नियुक्त किया गया है। सौर पार्क के संचालन में आने से प्रदेश को स्वच्छ और हरित ऊर्जा मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। टुस्को कंपनी के निर्माण कार्य देख रहे आयुष नेगी ने बताया कि सौर ऊर्जा संयंत्र पार्क विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। जनवरी 2027 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
परियोजना शुरू होने के बाद स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
अजय प्रसाद, उद्योग केंद्र सहायक आयुक्त