चित्रकूट। आंगनबाड़ी कर्मचारियों के दो गुटों के बीच एक स्थान पर कार्यक्रम करने को लेकर आपस में तीखी नोंकझोंक हो गई। जिससे तहसील परिसर में काफी हंगामा हुआ। पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया। दोनो गुटों की अध्यक्षों ने एसडीएम इंदु प्रकाश को प्रमाण पत्र दिखाकर अपने को असली संघ बताया। इसके बाद अपनी मांगों को लिए ज्ञापन सौंपा।
मंगलवार को तहसील परिसार में आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन व महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का कार्यक्रम चल रहा था। दोनों संघ अपनी-अपनी मांग को लेकर सरकार को खरीखोटी सुना रहे थे। अचानक दोनों संघ के पदाधिकारियों में एक ही स्थान पर कार्यक्रम करने को लेकर कहा सुनी होने लगी। एक गुट ने दूसरे गुट का बैनर भी हटा दिया। जिससे मामला गरमाने लगा। मौके पर पुलिस पहुंच गई। जिसने किसी तरह मामला शांत कराया। इसके बाद महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष अमृता चतुर्वेदी व आंगनबाड़ी एवं सहायिका एसोसिएशन की अध्यक्ष ऊषा द्विवेदी ने एसडीएम को सात सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन दिया। जिसमें कहा गया कि आंगनबाड़ी कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। मिनी आंगनबाड़ी का पद समाप्त किया जाए। कर्मचारियों के ऊपर लगाए गए मुकदमे वापस लिए जाए। इस मौके पर शैल श्रीवास्तव, सुमन तिवारी, शशिकला, मंजू पांडेय, मंजू देवी, मीरा बाई, बसंती आदि मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी कर्मचारियों के दो गुट आपस में भिड़े
एक स्थान पर कार्यक्रम करने को अड़े रहे दोनों गुट