चित्रकूट। मानिकपुर के खिचरी गांव में प्रधान आदि ने मिलकर छुट्टा मवेशियों से खेतों की फसल बचाने को अस्थाई गोशाला का निर्माण कराया है। दो पुरवा में 50-50 से अधिक गाय मौजूद हैं लेकिन इन्हें कोई देखने वाला नहीं है। मंगलवार की सुबह इस बाड़े में दो गायों की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि बाडे़ में चारे, पानी का इंतजाम नहीं है। खुले आसमान के नीचे रहने वाले मवेशियों के बीमार होने पर दवा का भी इंतजाम नहीं किया जाता है। जो दो गाय की मौत हुई है वह दोनों तीन दिन से बीमार चल रहीं थीं। कई अन्य गाय भी बीमार हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब मवेशियों को भरपेट भोजन नहीं मिलेगा तो वह बीमार हो ही जाएंगी। प्रधानपति मुकंदीलाल ने बताया कि दो गाय की मौत हुई है। बाडे़ में भूसा पानी का इंतजाम जितना निजी स्तर से हो सकता है उतना किया जाता है। शासन से कुछ नहीं मिल रहा है।
गोशाला को दिया तीन कुंतल भूसा
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी के पुल के पास नगर पालिका ने मवेशियों के लिए बाड़ा बनाया गया है जिसमें सैकड़ों मवेशी रखे गए है। इन्हेें भूसा उपलब्ध कराने के लिए बुंदेली सेना के अजीत सिंह स्थानीय समाज सेवी व व्यापारियों से मिलकर मदद मांगी। मंगलवार को व्यापारी नेता अंकित पहारिया व पप्पू खान सीतापुर की मदद से अन्ना मवेशियों को 3 कुंतल भूसा व 15 किलो चोकर का इंतजाम कर मवेशियों को खिलाया गया। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष ने बताया कि 15 दिनों तक मवेशियों के खाने के लिए इंतजाम किया जाएगा। इस मौके पर अंकित पहारिया, दिलीप कुमार, बद्री प्रधान, पंकज अग्रवाल, रामप्रकाश पाल, पप्पू खान, रामबाबू, रैकवार आदि मौजूद रहे।
बाड़े में दो बीमार गायों की मौत