फोटो- 08 सीकेटीपी- 8 व 9 परिचय- अस्पताल में भर्ती डायरिया पीड़ित मरीज और अस्पताल गेट पर जमीन पर लेटी बुखार पीड़ित महिला।
डायरिया-बुखार से दो की मौत, छह भर्ती
कछारपुरवा के तीन मरीज फिर पहुंचे अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। बदले मौसम के कारण संक्रामक तेजी से फैल रहा है। बुधवार को जिला अस्पताल में डायरिया व बुखार से पीड़ित दो वृद्ध की मौत हो गई। आधा दर्जन अन्य मरीजों कोे भर्ती किया गया है जिसमें तीन कछारपुरवा के हैं। इस पुरवा में एक सप्ताह से डायरिया का प्रकोप जारी है।
सदर तहसील क्षेत्र के मैनहाई निवासी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी फूलचंद्र के पिता श्यामलाल (80) दो दिनों से बुखार व डायरिया से ग्रसित थे। उनके पुत्र ने बताया कि बुधवार की सुबह जब वह सोकर उठे तो शौच क्रिया के लिए जाते समय अचानक गिर पड़े। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के तीन पुत्र दो पुत्रियां हैं। इसके अलावा मुख्यालय के तरौंहा निवासी रामकुमार ने बताया कि उसकी दादी मैकी देवी (70) पत्नी स्व.रामसजीवन कई दिनों से डायरिया से पीड़ित थीं। उनका जिला अस्पताल समेत प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया गया लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। बुधवार की सुबह घर में ही उनकी मौत हो गई।
छह डायरिया पीड़ित भर्ती
चित्रकूट। बुधवार जिला अस्पताल में मुख्यालय से सटे कालूपुर गांव के कछारपुरवा निवासी राजकुमारी पत्नी रामबली, कोमल व अजीत पुत्रगण शिवबली, चकौंध निवासी रामनरेश पुत्र गुलाब, कुंजनपुरवा निवासी माधुरी पत्नी चुन्नालाल और बनवारीपुर की गुड़िया पुत्री रामकुमार को डायरिया व बुखार की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गौरतलब है कि कछारपुरवा वहीं स्थान है जहां एक सप्ताह से डायरिया फैला है। यहां डायरिया पीड़ित अंजू की मौत हो चुकी है और 15 मरीजों का प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया गया है। सीएमओ डा.राजेंद्र सिंह व सदर एसडीएम इंदुप्रकाश ने मौके पर जाकर प्रदूषित पानी न पीने और दवाओं के वितरण के निर्देश दिए थे।
अस्पताल गेट पर लेटी रही बुखार पीड़िता
चित्रकूट। संक्रामक रोग से पीड़ित मरीजों की भीड़ अस्पताल में पहुंच रही है। अस्पताल स्टाफ लगातार मरीजों के इलाज मेें लापरवाही कर रहा है। बुधवार की दोपहर को लोढ़वारा निवासी सविता को बुखार होने पर परिजन जिला अस्पताल लाए। आपातकालीन गेट पर ही उसकी हालत बिगड़ी और वह गिर पड़ी। काफी देर तक वह जमीन पर पड़ी रही लेकिन उसे न तो स्ट्रेचर मिला और न ही किसी स्टाफ ने आकर उसे वार्ड तक पहुंचाने को कहा। लगभग एक घंटे बाद महिला को परिजनों ने गोद में उठाकर आपातकालीन वार्ड तक पहुंचाया। इसके बाद इलाज शुरू हो सका।
स्वच्छता के अभाव से फैल रही बीमारी
चित्रकूट। जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डा. एचसी अग्रवाल ने बताया कि बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव से बीमारी फैल रही है। इससे मच्छरों व अन्य जंतुओं का प्रादुर्भाव बढ़ गया है। इन स्थानों के आसपास की बस्ती में प्रदूषित पानी का प्रयोग सामान्य तौर पर सभी करते हैं। जिससे बुखार, डायरिया व पेटदर्द हो रहा है। खुले में रखी मिठाई, फल व बासी भोजन से परहेज रखा जाए। बीमारी का अहसास होते ही कुशल डाक्टर से इलाज कराया जाए। जल भराव वाले स्थानों पर डीडीटी, मिट्टी के तेल व चूने का छिड़काव करें और पानी निकासी की व्यवस्था करें।