जल प्रकृति का अनुपम उपहार: डीएम
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। लघु सिंचाईं विभाग की ओर से जनपद में भू-जल सप्ताह 16 से 22 जुलाई तक मनाए जाने के लिए गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने कहा कि जल प्रकृति का अनुपम उपहार है जिसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। जनपद में भू-जल की काफ ी कमी है गर्मी के दिनों में पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है। सभी को मिलकर भू-जल को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे। जल प्रकृति का एक श्रोत है जिसे कोई भी वैकल्पिक रूप से बनाया नहीं जा सकता। इसलिए इसका उपयोग जरूरत के अनुसार कम से कम करें। निर्माणाधीन भवनों में वर्षा जल को संचयित करने के लिए भू-जल रिचार्जिंग के उपायों का निर्माण भी करें। कुंओ, तालाबों, पोखरों का निर्माण करायें। जिससे भू-जल के स्तर को बढ़ाया जा सके।
मुख्य विकास अधिकारी डा. महेंद्र कुमार ने पानी के महत्व पर दोहा सुनाते हुए कहा कि ‘‘रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून’’ पानी गये न ऊबरे, मोती मानुष चून।। पानी है तो जीवन है ,पानी की जितनी आवश्यकता हो उतना लें। सरकार का इस कार्यक्रम को चलाने का उद्देश्य यही है कि अधिक जल दोहन को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि एक सर्वेक्षण के अनुसार 2030 तक भारत में पानी की विकराल समस्या पैदा होने की संभावना है। इससे बचने के लिए अभी से सभी को कारगर कदम उठाने होंगे। अधिशाषी अभियंता लघु सिंचाई अवनीश कुमार व अधिशाषी अभियंता सिंचाई ने विभाग की योजनाओं व जल संचय के बारे में जानकारी दी।
भू-जल संरक्षण के संबंध में विभिन्न विषयों पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा निबंध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, वाद-विवाद, पोस्टर, स्लोगन कार्यक्रमों में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं में साक्षी सिंह, नंदनी जाटव, वैष्णवी सोनी, आश्रय निगम, सविता, तरुण त्रिपाठी, आदर्श सिंह, शालिनी गर्ग, स्मिता सिंह, रीना यादव, गंगादेवी, दिव्यांशी सिंह, प्रांशु, अभिकेत, सिद्धार्थ, कौशल सिंह, शिवम् गुप्ता, सुशील कुमार, शुभम आशीष, निराशा देवी, अंकित कुमार, जय करण, मनीष कुमार, लवकुश, आश्रय, रितेश को जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी ने प्रमाण-पत्र व शील्ड देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक अभियंता लघु सिंचाई अमर देव सिंह ने किया। गोष्ठी में जिला कृषि अधिकारी वीके दुबे, अधिशाषी अभियंता जल निगम आरके सिंह, अवर अभियंता लघु सिंचाई बृजेश कुमार श्रीवास्तव, संजय कुमार जायसवाल, विजय कुमार यादव, गिरीश कुमार, सुधीर कुमार, जेपी यादव, लालजी यादव सहित भू-जल से संबंधित अधिकारी व विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं व शिक्षक मौजूद रहे।