चित्रकूट। जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण में मानकों की खूब अनदेखी की गई है। जिम्मेदारों ने कहीं पर 15से 20 किमी से दूर केंद्र बना दिए तो कहीं पर क्षमता से ज्यादा परीक्षार्थी आवंटित कर दिए। इनके अलावा अन्य खामियां भी सामने आई हैं। जिले में प्रस्तावित परीक्षा केंद्र निर्धारण में 39 आपत्तियां सामने आई हैं। अब डीएम के निर्देश पर गठित समितियां आपत्तियों का निस्तारण करेंगी। इसके बाद अंतिम रिपोर्ट बोर्ड को भेजी जाएगी।
18 फरवरी से यूपी की बोर्ड परीक्षा शुरू हो रही है। इस परीक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा, वायस रिकॉर्डर, पेयजल, शौचालय सहित अन्य सुविधाओं से संतृप्त विद्यालय को ही केंद्र बनाया जाना है। परीक्षार्थियों की सहूलियत के लिए विद्यालय से केंद्र की दूरी अधिकतम 12 किमी की परिधि में रखे जाने का मानक तय किया गया है। बावजूद इसके कई केंद्र मानकों को दरकिनार कर जिले में 34 परीक्षा केंद्र बना दिए गए हैं। सूची में कई विद्यालयों के नाम गायब हैं।
वहीं, कुछ विद्यालय ऐसे हैं, जिनके बच्चों का केंद्र मानक से तय दूरी से अधिक दूर के विद्यालयों को बना दिया गया है। कई विद्यालय जो हर साल केंद्र बनते थे, वे इस बार कट गए हैं। इसके अलावा क्षमता से अधिक विद्यार्थियों की संख्या आवंटित कर दी गई है। इससे उनके प्रबंधक विद्यालयों को केंद्र बनाने के लिए जोर आजमाइश में लगे हैं। आपत्ति दर्ज कराने के साथ ही वे विभागीय अफसरों से लेकर कर्मचारियों तक से तालमेल बैठाने में जुटे हैं। पिछले वर्ष 38 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे और इस वर्ष 34 केंद्रों की सूची जारी हुई थी।
डीआइओएस रविशंकर ने बताया कि विद्यालयों की ओर से नए परीक्षा केंद्र बनाने के लिए 15, दूरी अधिक होने पर केंद्र बदलने के लिए 12, छात्र-छात्राओं की संख्या को कम करने के लिए नौ और तीन स्कूल संचालकों ने परीक्षा केंद्र निरस्त करने की अर्जी डाली है। अब आने वाली आपत्तियों का निस्तारण जिलाधिकारी से गठित केंद्र निर्धारण समिति जांच करेगी और उसकी रिपोर्ट बोर्ड को भेजेगी। उसके बाद ही केंद्रों का अंतिम निर्धारण होगा।