फोटो 29 सीकेटीपी 16 रामघाट का बाढ़ के बाद नजारा। पुलिस
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी ने शनिवार को 23 साल पहले आई बाढ़ का रिकॉर्ड तोड़ दिया। लगातार बारिश व तेज बहाव के चलते नदी का जलस्तर 135.200 मीटर तक पहुंच गया।
मंदाकिनी का खतरे का निशान 126.50 मीटर बताया गया है। शनिवार को नदी का जलस्तर 135.200 मीटर तक पहुंचने से यह खतरे के निशान से करीब 8.70 मीटर ऊपर रहा। शाम को जलस्तर घटकर 134.700 मीटर हुआ, फिर भी यह खतरे के निशान से करीब 8.20 मीटर ऊपर रहा।
वर्ष 2003 में आई भीषण बाढ़ के दौरान मंदाकिनी का जलस्तर 134.500 मीटर दर्ज किया गया था। इस लिहाज से शनिवार को नदी करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर बहती रही। 2003 की बाढ़ के बाद पहली बार मंदाकिनी ने इतना ऊंचा जलस्तर छुआ है। नदी का पानी घाटों, मंदिरों और आश्रमों तक पहुंच गया। कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। प्रशासन और राहत टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
यूपी-एमपी पुल पर भी मंडराया खतरा
भरत मंदिर के महंत दिव्य जीवन दास महाराज ने बताया कि 2003 की बाढ़ में भी यूपी-एमपी पुल पर पानी का काफी दबाव रहा था लेकिन पुल बच गया था। इस बार नदी का बहाव और जलस्तर इतना अधिक है कि पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है।
आसपास के आश्रमों और मंदिरों में पानी भर गया है। मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे स्थित कई मंदिर और आश्रम पानी की चपेट में आ गए। यहां रहने वाले पुजारियों और अन्य लोगों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गईं। राहत टीमों और स्थानीय लोगों की मदद से जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।