चित्रकूट। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार चित्रकूट पहुंचे डॉ. मोहन यादव ने भगवान कामदनाथ के दर्शन किए। यहां उन्होंने श्रीरामपथ गमन न्यास की बैठक की।
बैठक में श्रीराम वन गमन पथ मार्ग सहित चित्रकूट से लेकर अमरकंटक तक पड़ने वाले तीर्थ क्षेत्रों के विकास को लेकर रोडमैप तैयार किया। इस दौरान आठ जिलों के 23 स्थलों के विकास का निर्णय लिया गया।
मंगलवार की शाम को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी ग्रामोद्योग विश्वविद्यालय स्थित सभागार में श्रीरामपथ गमन न्यास की बैठक ली। बैठक मेंं मध्यप्रदेश के पांच संभागों के आठ जिलों के 23 स्थलों को विकसित करने का निर्णय लिया गया। जिसमें चित्रकूट क्षेत्र के विकास के लिए सबसे पहले चर्चा की गई।
इस बैठक से चित्रकूट तीर्थ के 84 कोसीय परिक्रमा मार्ग के विकास की उम्मीद जगी है। बताया जाता है श्रीरामपथ गमन मार्ग के विकास के लिए कई साल से फाइल दबी पड़ी थी। बैठक में मध्यप्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री सहित आठ जिलों के जिलाधिकारी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नेत्र चिकित्सालय का किया निरीक्षण
खोही। मुख्यमंत्री ने सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय का निरीक्षण किया। ट्रस्टी डॉ बीके जैन ने किए जा रहे कामों की जानकारी दी। बताया कि हर साल लाखों नेत्र रोगियों का इलाज किया जाता है। इस मौके पर ऊषा जैन, डॉ. पूनम आडवाणी, डॉ.राजेश जोशी, डॉ. गौतम सिंह परमार, डॉ. राकेश शाक्य आदि मौजूद रहे। (संवाद)
डीआरआई का कामकाज देखा
खोही। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने डीआरआई के कामकाज को भी देखा। उधर, उद्यमिता विद्यापीठ के सभागार में डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन की माता के निधन पर शोकसभा कर श्रद्धांजलि दी गई।