फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनाव पेज

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रयागराज में कारोबार पर नहीं भूले चित्रकूट-बांदा की धरती
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मानिकपुर क्षेत्र के ऊंचाडीह गांव के निवासी सांसद श्यामा चरण गुप्ता बीड़ी के व्यापार से अपने कारोबार को बढ़ाया। मानिक पुर कस्बे से इसकी शुरूआत की । क्षेत्र में डकैतों की समस्या को देखते हुए परिवार सहित प्रयागराज चले गए। जहां से अपना कारोबार चला रहे हैं। आज भी मानिकपुर कस्बे में इनका मकान बना हुआ है। जिसमें परिवार के अन्य सदस्य रहते हैं। जिले के मऊ क्षेत्र व चित्रकूट में दुग्ध डेरी के प्लांट लगे हुए हैं।
पाठा क्षेत्र के जंगलों में होने वाली तेंदुपत्ता संासद श्यामा चरण के परिवार के लिए वरदान साबित हुआ। इनके पिता स्व. सेठ तीरथ प्रसाद ने मानिकपुर कस्बे से बीड़ी का कारोबार शुरू किया। जिसको उनके पुत्र सांसद श्यामा चरण ने संभाल लिया। बीड़ी का कारोबार चल पड़ा लेकिन पाठा क्षेत्र के डकैतोें के कारण कारोबार करने में समस्या आ रही थी। जिसको देखते हुए प्रयागराज में घर बनवाकर परिवार रहने लगा यही से कारोबार इस समय कर रहे हैं। सांसद के छोटे भाई उमाचरण मप्र क्षेत्र स्थित सतना में अन्य कारोबार से जुडे़ हुए हैं। जो सतना से मेयर भी रह चुके हैं।
विज्ञापन


पिता का हो चुका अपहरण
चित्रकूट। सांसद श्यामा चरण गुप्ता के पिता सेठ तीरथ प्रसाद का एक बार रास्ते में मप्र प्रदेश के जलबपुर के पास से अपहरण उनकी निजी गाड़ी से हो गया। जिसमें स्थानीय डकैत तो शामिल नहीं थे। जिनको बिहार से सकुशल बरामद किया गया था।


मानिकपुर से ही शुरू की राजनैतिक शुरूआत
चित्रकूट। सांसद श्यामा चरण गुप्ता के परिवार ने मानिकपुर क्षेत्र से राजनीति की शुरूआत की उनके पिता तीरथ प्रसाद गुप्ता तीन बार ब्लाक प्रमुख रहे। सांसद श्यामा चरण गुप्ता आदर्श इंटर कालेज के प्रबंधक बन राजनीति की शुरूआत की। इसके बाद प्रयागराज मेें मेयर बने। उनकी पत्नी ने भी प्रयागराज से मेयर पद का चुनाव लड़ा था।
विज्ञापन


पलायन जरूर पर डरे कभी नहंी
चित्रकूट। सपा-बसपा गठबंधन से बांदा चित्रकूट सीट पर चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद श्यामाचरण गुप्ता ने कहा कि वह और उनका परिवार बाहर जरूर चला गया लेकिन उनके पिता ने कभी मातृभूमि नहीं छोड़ी और हमेशा डकैतों का सामना किया। उन्हीं की प्रेरणा से वह भी कभी अपनी जन्मभूमि का कर्ज नहीं उतार पाए डकैतों ने कई बार डराया पर कभी झुके नहंी। हर बार दुगने जोश से स्थानीय लोगों की मदद से डकैतों का मुकाबला किया। सर्व समाज के हित के लिए काम किया है। उन पर सवाल उठाने वाले अन्य जनप्रतिनिधियों की प्रतिष्ठा पर सांसद ने गंभीर आरोप लगाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें