प्रशासन ने जबरन अनशनकारियों को अस्पताल में कराया भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। गांव के लिए बिजली-पानी व सड़क की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे अनशनकारियों की हालत तीसरे दिन बिगड़ गई। एसडीएम व तहसीलदार पुलिस बल के साथ अनशन स्थल पहुंचे। अनशनकारियों को आश्वासन देकर अनशन खत्म करने को कहा लेकिन अनशनकारी नहीं माने। चिकित्सकीय जांच में हालत गंभीर देख जबरन सभी को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया।
पटेल तिराहे पर आभास महासंघ के संरक्षक पप्पू यादव के नेतृत्व में पांच युवक आमरण अनशन कर रहे हैं। इनकी मांग है कि रामनगर ब्लाक के बेलरी गांव की सड़क सबसे खराब है। बिजली व पानी की समस्या की कई बार अधिकारियों को पत्र सौंपा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शनिवार की देर रात पंाच अनशनकारियों में पप्पू यादव व अश्वनी राजपूत की हालत खराब हो गई तो अस्पताल की टीम ने दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार की सुबह दोनों अनशनकारी फिर अनशनस्थल पहुंच गए। दोपहर जैसे ही अनशन स्थल से उठे रामकेश सड़क पर आए तो गिरकर बेहोश हो गए। यह देखते ही हाईवे पर अफरातफरी मच गई।
एसडीएम इंदुप्रकाश, तहसीलदार राजू वर्मा व कोतवाल अनिल सिंह मौके पर पहुंचे। डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग टीम भी जांच करने पहुंची। सभी की जांच की गई तो हालत गंभीर होती मिली। रिपोर्ट के बाद एसडीएम ने अनशन खत्म करने को कहा लेकिन कोई नहीं माना। आखिर में प्रशासन ने सभी अनशनकारी पप्पू, अश्वनी, धर्मेंद्र, रामकेश व ओमप्रकाश को जबरन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।