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तीनों संभावित मृतकों के परिजनों का लिया रक्त नमूना

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अमर उजाला ब्यूरो
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चित्रकूट। कोल्हुआ के जंगल में जिंदा जलाए गए तीनों युवकों की पुख्ता पहचान के लिए परिजनों के रक्त का सैंपल लिया। इनका डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। कंकाल के अवशेष का सैंपल भी जांच के लिए सागर स्थित फोरेंसिक लैब भेजा है। सैंपल लेने की कार्रवाई सतना जिला अस्पताल में की गई।

गौरतलब है कि 29 व 30 जून को थरपहाड़ निवासी मुन्ना यादव, टेड़ी निवासी रामदास, रैदास और पथरा निवासी इंद्रपाल यादव को डकैत ललित पटेल ने अगवा कर लिया था।
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दो जुलाई की रात तीन जली लाशें पुलिस ने कोल्हुआ के जंगल से बरामद की थीं। शवों का अवशेष चित्रकूट पुलिस जांच के लिए ले आयी थी। तब फौरी तौर पर इनकी शिनाख्त मुन्ना, रामदास और इंद्रपाल के रूप में की गई थी, लेकिन शव पूरी तरह जले होने से इसे पुख्ता नहीं माना गया था।

कई दिनों तक इस मामले में कोई कार्रवाई न होने पर नाराज रीवा रेंज के आईजी अंशुमान यादव सख्त हुए और एसपी सतना राजेश हिंगड़कर को निर्देश दिए कि तीनों सतना जिले के हैं। इनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट नया गांव में लिखी गई है। लिहाजा प्रमाणिक पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट जिला पुलिस कराए।

फोरेंसिक अधिकारी डॉ. जयशंक र यादव ने बताया कि डीएनए टेस्ट के लिए थरपहाड़ निवासी मुन्ना यादव उर्फ राम नारायण यादव की मां धुनिया बाई एवं पुत्र विजय कुमार यादव के अलावा पथरा निवासी इंद्रपाल के पिता राम्रप्रसाद यादव, मां बिटोला बाई और ढेड़ी निवासी रामदास रैदास के पिता रामदयाल एवं पत्नी गोलनिया रैदास के रक्त का सैंपल जिला अस्पताल सतना में लिया गया है।
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मृतकों का अवशेष भी चित्रकूट पुलिस से मंगा लिया है। सैंपल और शवों के अवशेष सागर स्थित फोरेंसिक लैब रवाना कर दिया गया। चित्रकूट पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र ने बताया कि इस मामले में सभी रिकार्ड सतना पुलिस को सौंप दिए गए हैं।

-डाकू ललित पटेल ने तीन लोगों की हत्या कर जला दिया था
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