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Chitrakoot News: अनुसूचित जाति की किशोरी से दुष्कर्म के मामले में 20 वर्ष का कारावास

Mon, 22 Jun 2026 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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बांदा। अनुसूचित जाति के किशोरी से दुष्कर्म करने व उसे गाली-गलौज देने के मामले में आरोपी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने 20 वर्ष का कठोर कारावास की सजा व अन्य धाराओं में सजा सहित 22 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जुर्माने की समस्त धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में अदा की जाएगी।
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बबेरू थाना क्षेत्र की एक गांव निवासिनी पीड़िता की दादी ने थाने में 10 सितंबर 2022 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसके लड़के व बहू बाहर रहते हैं। घर में वह नातिन के साथ रहती हैं। सात सितंबर को सुबह लगभग सात बजे उसकी 14 वर्षीय नातिन घर के बाहर शौच के लिए गई थी कि पारा डभनी गांव के राकेश ने उसकी नातिन से अश्लील हरकतें करने लगा, तब वह चिल्लाई तो राकेश गालियां देते हुए भाग गया।



वहीं, राकेश अपने ननिहाल ग्राम साथी निवासी राम सजीवन पुत्र शिवकुमार व रामचंद्र के यहां चार वर्ष से रह रहा था। नाना राम सजीवन व रामचंद्र आए दिन पीड़िता से गाली-गलौज करते थे। पीड़िता के 164 सीआरपीसी के बयान में मजिस्ट्रेट को बताया कि वह शौच करके लौट रही थी। इस दौरान हैंडपंप में हाथ धोने लगी तो राकेश जबरदस्ती पकड़ कर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
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मामले में विवेचक ने राम सजीवन व रामचंद्र को क्लीन चिट देते हुए एफआर लगा दी और राकेश के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अदालत ने 10 अक्टूबर 2023 को आरोप बनाया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पांच गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 34 पेज के फैसले में राकेश को दोषी पाकर सजा व जुर्माने से दंडित किया। फैसले के बाद दोषी राकेश का सजायाफ्ता वारंट बनाकर जेल भेज दिया।
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