फोटो 30 सीकेटीपी-04-रोडवेज बस स्टॉप। संवाद
चित्रकूट। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बना नया रोडवेज बस अड्डा बीते एक साल से पूरी तरह संचालित नहीं हो सका है। ईंधन सुविधा के अभाव में यह बस अड्डा वीरान पड़ा है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्ष 2020-22 में तैयार हुआ यह बस अड्डा अब तक नियमित बसों का संचालन शुरू नहीं कर पाया है। अधिकांश बसें अड्डे तक पहुंचे बिना ही बाहर से लौट जाती हैं, जबकि चालक-परिचालक फोन से अपनी एंट्री दर्ज करा देते हैं। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और कई बार बसें स्टैंड तक नहीं पहुंचतीं, जिससे उनमें आक्रोश है।
वर्तमान में डिपो के पास केवल सात अनुबंधित बसें हैं, जबकि प्रस्तावित बेड़ा 48 बसों का है। पंप निर्माण न होने के कारण यह योजना भी रुकी हुई है। यात्रियों को बस स्टैंड पर घंटों खड़े रहना पड़ता है और बसें न मिलने पर स्टाफ से कहासुनी भी होती है।
एआरएम राकेश प्रसाद ने बताया कि पंप निर्माण के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति का इंतजार है। उन्होंने इंडियन ऑयल से बातचीत होने और जल्द कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई। हालांकि, हर साल अप्रैल में पंप निर्माण शुरू होने के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अब तक शून्य है।