फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैसे हो शौचमुक्त, जब शौचालय में लटका ताला

विज्ञापन
विज्ञापन
कैसे हो शौचमुक्त, जब शौचालय में लटका ताला
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
खोही। धर्मनगरी में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए परिक्रमा मार्ग पर नगर परिषद मप्र ने सार्वजनिक शौचालय बनाया है। जो शो पीस बनकर रह गया है। वही परिक्रमा मार्ग पर पेयजल की टंकी ऊपर से खुली होने से एक बंदर की डूबने से मौत हो गई थी। कई दिन होने के बाद भी टंकी को साफ नहीं कराया गया। जिससे टंकी के पानी में कीड़े हो गए है। इस हालत को देखकर ज्यादातर तीर्थयात्री यही कहते हैं कि आखिर कैसे खुले में शौच मुक्त होगा जब यहां सार्वजनिक शौचालय में ताला पड़ा है।
धर्मनगरी में आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए परिक्रमा मार्ग के मप्र क्षेत्र के ब्रम्हकुंड के पास सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया गया। जो शो पीस बना हुआ है। इसका उपयोग नहीं किया जा रहा। कभी-कभार ही यह शौचालय खुलता है बाकी दिनों में ताला लटका रहता है। तीर्थ यात्री शौच करने के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिक्रमा मार्ग के पास स्थित ब्रम्हकुंड के पास ही पेयजल टंकी बनी हुई है। जो ऊपर से खुली हुई है। जिसमें एक बंदर के गिर जाने से गर्मी के सीजन में मौत हो गई थी। जिसको नगर परिषद चित्रकूट मप्र ने निकाला लेकिन टंकी के ढक्कन को बंद करने की व्यवस्था नहीं की गई। समस्या के निदान के लिए बुंदेलीसेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने सतना के डीएम सहित अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर सार्वजनिक शौचालय को रोजाना खुलवाने व पानी की टंकी में ढक्कन लगवाने व पानी की सप्लाई करने की मांग की है। चित्रकूट क्षेत्र के तहसीलदार बुद्धसेन माही ने कहा कि किसी को शौचालय में तालाबंदी के लिए नहीं कहा गया है। जिनकी ड्यूटी है उनसे जानकारी कर ताला खुलवाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मेले में ताला दिनभर खुलता है दरअसल यह शौचालय तीर्थयात्रियों के लिए है लेकिन स्थानीय लोग इसे आकर गंदा करते हैं और इसकी सफाई में सहयोग नहीं करते हैं इसलिए कभी कभार ताला लगाया जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें