हास्टल मरम्मत और सड़क निर्माण में 27 लाख रुपये का घपला
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता, एई व जेई का मामला सुलझने की बजाए बढ़ता जा रहा है। बुधवार को महिला जेई ने ट्रंाजिट हास्टल व संपर्क मार्ग के भुगतान में 27 लाख रुपये का घपला करने का आरोप लगाया तो वहीं अधिशासी अभियंता ने जेई को मानसिक विक्षिप्त बता दिया।
मुख्यालय स्थित पीडब्ल्यूडी कार्यालय की महिला जेई किरन ने बुधवार को नए आरोप में बताया कि 26 जून 2017 को उससे अधिशासी अभियंता आरसी कटियार व एई एके सिंह ने ट्रांजिट हास्टल की मरम्मत व रंगरोगन का स्टीमेट बनवाया था। यह स्टीमेट 28.30 लाख रुपये का बना था। चोरी छिपे यह स्टीमेट अन्य जेई से मिलकर 50 लाख का बनवा लिया और तकनीकी स्वीकृति प्राप्त कर ली। इस मामले में दस लाख का भुगतान भी करा लिया गया है जबकि मौके पर सिर्फ बाउंड्रीवाल व रंगरोगन किया गया अन्य स्वीकृत रुपये से कोई काम नहीं हुआ है। जिसकी जांच कराई जा सकती है। इसके अलावा मार्च 2017 में चकभूपत संपर्क मार्ग निर्माण में इन्हीं दोनों अभियंता की उनकी साइड(जेई किरन) में लगभग 20 लाख रुपये के काम में दूसरे जेई से मिलकर 17 लाख रुपये का भुगतान करा लिया। इसकी जांच में डीआरडीए के एई ने माना था कि घटिया सामग्री का प्रयोग निर्माण मेें हुआ है। इन सबकी जांच नए सिरे से कराई जाए।
पूरे मामले में अधिशासी अभियंता आरसी कटियार ने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं। अब लगता है कि महिला जेई बेवजह उन्हें फर्जी मामले में फंसाना चाहती हैं। वह कुछ मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गई है। अब उनके कामों की भी जांच कराई जाएगी।
नहीं मिले इंजीनियर
चित्रकूट। कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के सभी इंजीनियरों का सत्यापन कार्य शुरू हो चुका है। बुधवार को कार्यालय जब पुलिस टीम पहुंची तो कोई इंजीनियर नहीं मिला। जल्द ही इसे पूरा करा लिया जाएगा।