रामलीला भवन में निर्माण को लेकर तनाव बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। शहर के सैकड़ों साल पुराने रामलीला भवन में नया निर्माण कराकर उसे मैरिज हाल बनाने के प्रयास पर दो पक्षों के बीच तकरार हो गई। तीखी नोेेंकझोंक के बीच मारपीट की नौबत तक बन गई लेकिन पुलिस ने पहुंचकर फिलहाल मामला शांत करा दिया है। भवन निर्माणकर्ता परिवार के सदस्यों ने रामलीला कमेटी पर पुश्तैनी धरोहर को नष्ट कर लाखों कमाने का आरोप लगाया। वहंीं कमेटी के सदस्यों ने दूसरे पक्ष पर जबरन भवन में घुसकर गाली गलौज कर निर्माण कार्य बंद कराने का आरोप लगाया है।
गुरुवार की दोपहर 12 बजे शहर के पुरानी बाजार निवासी नरेश केशरवानी, महेंद्र केशरवानी, पलटू, महेश केशरवानी, अवनीश आदि लगभग दो दर्जन युवक धुसमैदान के पास बने रामलीला भवन निर्माण कार्य पर आपत्ति की। बताया कि कुछ लोग रामलीला कमेटी के साथ मिलकर पुराने एतिहासिक भवन को बिना अनुमति के तोड़फोड़ कर नया निर्माण करा रहे हैं। जिसे महादेव प्रसाद व गौरीशंकर केशरवानी ने बनवाया है। इस धरोहर को नया मैरिज हाल बिना अनुमति के बनाकर कानून का उल्लंघन किया जा रहा है। आरोप लगाया कि कुछ लोगाें ंने मिलकर रामलीला कमेटी बनाई और उसकी आड़ में प्रति वर्ष लाखों रुपये कमाए जा रहे हैं। इसकी शिकायत एसडीएम से की गई थी जिन्होंने काम रूकवाया था लेकिन कमेटी के सदस्य निर्माण करा रहे हैं। इसका लगातार विरोध किया जाएगा।
दूसरे पक्ष रामलीला कमेटी के प्रबंधक श्याम गुप्ता ने आरोप लगाया कि रामलीला भवन में कब्जा करने की नियत से लगभग 50 लोग आए और गेट के ताले को तोड़ दिया। वहां चल रहे निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को धक्का देकर काम बंद कराने लगे। जिसका विरोध करने पर एक सदस्य को जमीन पर गिरा दिया गया। 156 साल से इस भवन में रामलीला से लेकर रामदल आदि के कार्यक्रम चल रहे हैं। कुछ लोग इस भवन पर कब्जा करना चाहते हैं। सूचना पर पुलिस पहुंची तो आरोपी पक्ष भाग निकला। इस मामले में एसडीएम इंदुप्रकाश ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाकर समझाया गया है फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है। यह कहा गया है कि किसी ऐतिहासिक धरोहर को नष्ट न किया जाए और टूटे हिस्से में जीर्णोद्धार कराया जाए।
रामलीला भवन को पुश्तैनी धरोहर बताने वाले पक्ष ने देर शाम को फिर आरोप लगाया कि एसडीएम के आदेश के बावजूद भवन में निर्माण कार्य जारी है। जिसे लेकर उनके समुदाय में आक्रोश है। गुरुवार की रात को केशरवानी धर्मशाला में इसी मामले को लेकर इस समुदाय की बैठक कर रणनीति बनाई गई है।