सवर्ण समाज व पिछड़ा वर्ग ने एससी एसटी कानून के विरोध में भरी हुंकार
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। अखिल भारतीय ब्राम्हण समाज के तत्वावधान मेें सवर्ण समाज व पिछड़ा वर्ग समाज के लोगों ने एससीएसटी कानून के विरोध सहित अन्य समस्याओं को लेकर मऊ कस्बे के तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। सभा के माध्यम से पदाधिकारियों ने कहा कि मोदी सरकार ने भावनाओं के आधार पर वोट लेने के बाद सवर्ण समाज व अन्य पिछडे़ वर्ग के साथ अन्याय किया है।
गुरुवार को अखिल भारतीय ब्राम्हण समाज के जिलाध्यक्ष राज भूषण द्विवेदी के नेतृत्व मेें सवर्ण समाज व पिछड़ा वर्ग के लोगों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन कर एससीएसटी कानून को जन विरोधी बताया। कहा कि इस कानून का दुरुपयोग किया जाता है। इस बात को न्यायालय ने भी स्वीकार करते हुए रद् कर दिया था। जिसको वोट के लालच में सरकार ने पुन: लागू कर दिया। जिसका जवाब आने वाले चुनाव मेें दिया जाएगा। सवर्ण समाज व पिछड़ा वर्ग के सांसद सदन में चुप रहकर भीष्म पितामह की तरह भूमिका निभाया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुंदर लाल सुमन ने किया। सभा के बाद राष्ट्रपति को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन उप जिलाधिकारी सौजन्य कुमार को दिया। जिसमें कहा गया है कि एससीएसटी कानून रद् किया जाए, कृषि को राष्ट्रीय उद्योग का दर्जा दिया जाए, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करते हुए गोवध पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। दोहरी शिक्षा प्रणाली को बंद कर समान शिक्षा नीति लागू की जाए। भ्रष्टाचार करने वालो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस मौके पर अधिवक्ता प्रफुल्ल चंद्र द्विवेदी, प्रमोद द्विवेदी, राजेंद्र प्रसाद पांडेय, ग्रीस मिश्रा, राघवेंद्र मिश्रा, जितेंद्र सिंह, जेपी तिवारी, नवनीत द्विवेदी, इन्द्रेश त्रिपाठी, सुभाष तिवारी, राजू तिवारी आदि मौजूद रहे।