मानिकपुर। कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में करीब 16 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। शुक्रवार दोपहर से शनिवार सुबह तक बिजली न आने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। बिजली संकट के कारण पेयजल व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई।
बिजली आपूर्ति शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक बंद हो गई थी। पूरी रात बिजली नहीं आई, जिससे लोग गर्मी के बीच जागने को मजबूर रहे। शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे कस्बे में कुछ देर के लिए आपूर्ति बहाल हुई। हालांकि, पाठा क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों में देर तक अंधेरा छाया रहा। बताया गया कि बिजली गिरने से सरैया फीडर में तकनीकी खराबी आ गई थी।
बिजली गुल रहने से घरों की पानी की टंकियां खाली हो गईं। लोगों को पीने के पानी तक के लिए परेशानी उठानी पड़ी। रातभर छोटे बच्चे उमस और गर्मी से बिलखते रहे। सुबह स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को भी बिना बिजली और पानी के दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
उनका आरोप था कि शिकायत के दौरान विभागीय अधिकारियों के फोन भी नहीं उठे। वहीं, उपजिलाधिकारी जसीम ने पूरी रात आमजन के फोन रिसीव कर स्थिति की जानकारी दी और लोगों को आश्वस्त किया।