चित्रकूट। मंदाकिनी की बाढ़ ने रामघाट में तबाही मचाई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था नहीं डिगी।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब रामघाट फिर से अमावस्या के लिए तैयार हो रहा है। अबकी 11 सितंबर को भादो अमावस्या पर करीब 15 लाख श्रद्धालुओं के चित्रकूट पहुंचने की संभावना है।
रामघाट की दुकानों में बाढ़ का पानी भरने से कीचड़ और मलबा जमा हो गया था। दुकानदार खुद सफाई में जुटे हैं। खराब सामान हटाने के बाद अब नया माल मंगाकर दुकानें सजाने की तैयारी है। कारोबारियों को उम्मीद है कि अमावस्या पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं से कारोबार फिर पटरी पर लौटेगा।
रामघाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और फ्लोटिंग बैरियर लगाए जाएंगे। प्रशिक्षित गोताखोर तैनात रहेंगे। रामघाट पर चेंजिंग रूम और रामघाट व परिक्रमा मार्ग पर अस्थायी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पुलिस पैदल श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष नजर रखेगी। सड़क किनारे श्रद्धालुओं के सोने पर रोक रहेगी। पार्किंग में रैंप, जलभराव वाले स्थानों पर बालू और पर्याप्त मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की जाएगी।
प्रशासन ने परिक्रमा मार्ग पर अतिक्रमण हटाने, मलबा साफ करने और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ परिक्रमा मार्ग में छोटे गैस सिलिंडर का इस्तेमाल और गुटखा-पान की बिक्री व सेवन प्रतिबंधित रहेगा। नगर पालिका और पशु चिकित्सा विभाग को अन्ना पशुओं को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था करने को कहा गया है।
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श्रद्धालुओं के लिए पांच रैन बसेरे, चार खोया-पाया केंद्र
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पांच अस्थायी रैन बसेरे बनाए जाएंगे। यहां पानी, रोशनी और सफाई के साथ कर्मचारियों की तैनाती होगी। वहीं खोही, रामसैया, रामघाट और बेड़ी पुलिया में चार खोया-पाया केंद्र संचालित होंगे। प्रमुख स्थानों पर मेडिकल टीमें भी मौजूद रहेंगी।
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120 बसें और तीन स्पेशल ट्रेनें लेकर आएंगी श्रद्धालु
अमावस्या की भीड़ को देखते हुए रोडवेज ने 120 बसों की व्यवस्था की है। बांदा से 40, महोबा से 30, राठ से 25 और हमीरपुर से 25 बसें चित्रकूट के लिए चलेंगी। रेलवे भी श्रद्धालुओं की भीड़ संभालने के लिए कानपुर और झांसी के लिए तीन स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। दो ट्रेनें रिजर्व रखी गई हैं, जिन्हें भीड़ बढ़ने पर संचालित किया जाएगा।
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वर्जन
अमावस्या से पहले सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं। शहर से रामघाट, परिक्रमा मार्ग तक सफाई, पेयजल, प्रकाश, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर फोकस किया जा रहा है।- पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।
08 सीकेटीपी-07-शंख चौराहा को सजाता कर्मचारी। संवाद