चित्रकूट। कोरोना के बचाव के लिए जिले की सीमाओं को सील करने की तैयारी है। डीएम ने बैठक कर जिले व बाहर के निजी अस्पतालों के संचालकों से सहयोग मांगा है। इसके साथ ही बाहर से लौटे लोगों के घरों पर नोटिस चस्पा करें कि 14 दिन तक कोई नहीं मिलेगा।
सोमवार को जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने सोमवार की कलक्ट्रेट सभागार में कोरोना वायरस की रोकथाम एवं बचाव के संबंध में डॉक्टर एसोसिएशन के साथ बैठक की। उन्होंने निजी संस्थानों के डॉक्टरों से कहा कि कोरोना वायरस को देखते हुए जनपद में अधिक से अधिक व्यवस्था रखें। सरकारी टीमें रेलवे स्टेशनों, बस स्टॉप आदि जगहों पर कार्य कर रही हैं और बाहर से आने वाले लोगों की लगातार जांच जारी है। सीएमओ से कहा कि गांव गांव आशा एएनएम को लगाकर जागरूक कराएं। बाहर से आने वाले लोगों की गांव में ही निगरानी करते रहें। उनके घरों में लिखकर चस्पा करें कि इनसे 14 दिन तक कोई नहीं मिलेगा, यह अपने घर पर ही रहे। चिकित्सकों ने जिलाधिकारी से जनपद को लॉक डाउन घोषित कराए जाने की भी मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी से कहा जनपद की सीमा को सील, मजिस्ट्रेट व पुलिस की व्यवस्था, लॉकडाउन आदि की भी तैयारी कर ली जाए।
उन्होंने सीएमएस से कहा कि 200 शैय्या अस्पताल पर सभी व्यवस्थाओं के लिए शासन को पत्र भेजे। ताकि वहां पर स्टाफ आदि सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो सके। निजी संस्थानों के चिकित्सकों के साथ बैठक कर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। एसोसिएशन के चिकित्सकों से कहा कि बाहर के जनपदों से सर्जन व फिजीशियन से वार्ता कर ले। ताकि आवश्यकता पड़ने पर जनपद में उन्हें बुलाया जा सके और उनकी सेवाएं ली जा सके। उन्होंने सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट जानकी कुंड के चिकित्सक से कहा कि वेंटिलेटर वाले बेडों की लिखित सूचना दें और टेक्नीशियन आदि की भी व्यवस्था कराएं। ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीओ निगरानी रखें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह, उप जिलाधिकारी कर्वी अश्वनी कुमार पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार, निजी संस्थानों के चिकित्सक डॉ सुरेंद्र अग्रवाल, डॉ महेंद्र गुप्ता, डॉ सुधीर अग्रवाल, डॉ प्रबोध अग्रवाल आदि चिकित्सक तथा संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।