औषधीय पौधों का वितरण कर बताया महत्व
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। दीनदयाल शोध संस्थान के प्रकल्प आरोग्यधाम ने गनीवंा गांव में औषधीय पौधों का वितरण किया। जहां कार्यक्रम कर ग्रामीणों को औषधीय पौधों के बारे मेें बताया गया। इसके बाद ग्रामीणोें को पांच-पांच पौधे वितरण किए गए।
शुक्रवार को गांव के 100 घरों में पांच उपयोगी पौधों जिनमें सहजन, मीठी नीम, तुलसी, ग्वारपाठा तथा गिलोय के पौधे लगाने के लिए बांटे गए। डॉ. रामलखन सिंह सिकरवार ने बताया कि ये पांच प्रकार के पौधे औषधीय प्रयोग के अतिरिक्त दैनिक जीवन में भी बहुत उपयोगी हैं। जैसे मीठीनीम के पत्ते का दाल, रायता तथा पोहा आदि में डालने से भोजन स्वादिष्ट हो जाता है। उल्टी एवं मधुमेह रोग में भी पत्ते लाभदायक है, सहजन की 10 ग्राम पत्तियों में दो अंडे एक गिलास दूध एक सेब तथा एक आंवला के बराबर पोशक तत्व होते हैं, पत्तों में विटामिन ए तथा सी की प्रचुर मात्रा होती। ग्वार पाठा के पत्तों का रस चेहरे पर लगाने से दाग मिटते है।ग्लोय ऐसा रसायन है जिसे हर रोग के उपचार में फायदा मिलता है। कार्यक्रम में रामप्रसाद भगत ,राजेश आदि मौजूद रहे।