कन्या विद्याधन योजना के तहत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाथों रामपुर में मिले चेक का भुगतान महीनेभर बाद भी छात्राओं को नहीं हो पाया है। चेक मिलने के अगले दिन ही बैंक में लगाने के बाद लाभार्थी बैंक के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं बैंक प्रबंधक इसके लिए बैंक की मुख्यालय शाखा को जिम्मेदार बता रहे हैं।
यह सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट की सबसे अधिक तवज्जो वाली योजना का हाल है। रामपुर में 10 दिसंबर 2012 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खुद अपने हाथों से छात्राओं को चेक सौंपे थे। मुहल्ला ठाकुरान निवासी नगमा पुत्री इरफान, इसी मुहल्ले की तरन्नुम बी पुत्री गुलाम मुस्तफा, कहकशां पुत्री ठाकुर और फरदीन पुत्री इसलाम, मुहल्ला रहमतनगर निवासी फात्मा पुत्री साबिर और जैनब पुत्री साबिर, मुंडिया भीकम गांव निवासी रूकैया पुत्री कल्लू आदि छात्राओं ने अगले दिन 11 दिसंबर को ही 30-30 हजार रुपये के इन चेकों को भुगतान के लिए प्रथमा बैंक की बिलारी शाखा में लगाए। उनके खाते भी इसी बैंक में खुले हैं जिनमें भुगतान किया जाना है।
मंगलवार सुबह यह सभी छात्राएं प्रथमा बैंक के पहले काउंटर पर पहुंचकर अपने चेकों के भुगतान की जानकारी लेने पहुंचीं। संबंधित बैंक कर्मी ने जब उन्हें बताया कि अभी उनके चेक का भुगतान दिया जाना संभव नहीं है तब छात्राएं भड़क गईं और प्रबंधक को अपना दर्द बताया। छात्राओं के अनुसार प्रबंधक भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। छात्राओं ने कहा कि वह योजना के तहत अपने नाम मिले चेक का भुगतान के लिए बैंक के चक्कर लगाते थक गई हैं।
मुरादाबाद कार्यालय से हुई चेक भुगतान में देरी
प्रथमा बैंक के शाखा प्रबंधक राजकुमार सिंह का कहना है कि कन्या विद्याधन योजना के तहत मिले छात्राओं ने जो चेक बैंक शाखा में जमा किए, उन्हें संकलित करके 14 दिसंबर को बैंक के मुरादाबाद मुख्य कार्यालय भेज दिया गया। चेक की करेंसी डेट निकलने की स्थिति में ट्रेजरी अफसर की संस्तुति जरूरी है। मुख्य शाखा से चेक वापस आने पर भुगतान कर दिया जाएगा।