लंबे अरसे जारी तीज के तीसरे दिन गंगा-जमुनी तहजीब पर बाबा लतीफशाह का मेला परंपरागत ढंग से मनाया गया। शनिवार को जायरीनों ने बाबा के मजार पर पहुंचकर चादरपोशी के साथ दुआख्वानी की। इस दौरान लतीफशाह परिसर में मेला लगा रहा। मेले में बिहार प्रांत सहित चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर तथा आसपास के जमाम जायरीनों का रेला उमड़ा। मेले की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस तथा पीएसी के जवान मुश्तैद रहे।
क्षेत्र के प्रीतपुर में स्थित कर्मनाशा नदी के कछार पर कौमी एकता के मिसाल बाबा लतीफशाह की मजार, सैय्यद शाह अजमेरी की मजार और बनवारी दास का मंदिर हैं। जो हिंदू-मुस्लिम भाइयों के लिए गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है। लतीफशाह में बारहो मास मुस्लिम बंधू जियारत, चादरपोशी और दुआख्वानी करने के लिए आते हैं। वहीं लतीफशाह बंधे के नीचे पिकनिक भी मनाते हैं। पुरानी परंपरा के अनुसार तीज के तीसरे दिन ऐतिहासिक मेला लतीफशाह का व्यापक स्तर पर आयोजन किया जाता है। जहां हजारों हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ बाबा के मजार पर चादरपोशी करते हैं। श्रद्धालुओं के सुरक्षा की दृष्टि से उपजिलाधिकारी जिया लाल सरोज, सीओ प्रदीप सिंह चंदेल, चकिया कोतवाल तेज बहादुर सिंह सहित जनपद के कई थानों की पुलिस और पीएसी के जवान सक्रिय रहे।
-----
समाधि स्थल पर की गयी साफ-सफाई
चकिया। बाबा लतीफशाह के मेले के अवसर पर शुक्रवार की शाम नगर के हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं द्वारा लतीफशाह की मजार के पास स्थित बाबा बनवारीदास के समाधि स्थल पर साफ-सफाई की गई। इस सफाई अभियान में हिंदू युवा वाहिनी केे अध्यक्ष सारांश केशरी, विजय वर्मा, विनय मद्धेशिया, संजय चैरसिया, जीत सिंह, शशिकांत, रिक्की वर्मा आदि रहे।