सांसद ने अस्पताल की कमियों को लेकर दी चेतावनी।
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सांसद ने अस्पतालकर्मियों को दी हिदायत
सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों के साथ व्यवहार में बदलाव लाइए। एक मरीज के तीमारदार की ओर से डीआरएम व सीएमएस के सामने डाॅक्टर की ओर से पर्चा फाड़ने की शिकायत पर सांसद भड़क गए। उन्होंने डीआरएम से कहा कि देखिये आपके सामने शिकायत की है। इसके बाद दूसरे ने मेडिकल में फिट व अनफिट की फाइल पर पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। जिसकी फाइल लेकर सांसद ने खुद डीआरएम को दिया।
बोले कि निष्पक्षता से इसकी जांच कराइये। मेरे पास कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। आप निस्तारण नहीं कर पाइयेगा तो हमें बताइए। मैं रेलमंत्री के संज्ञान में यहां के भ्रष्टाचार को लाऊंगा।
दशक से जमे डॉक्टरों पर उठने लगे सवाल, प्रशासन के पास नहीं जवाब
रेलवे के मंडलीय चिकित्सालय में डॉक्टरों की जमात दशकों से जमी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पास कोई जवाब नहीं मिला। सांसद मुखर होकर अस्पताल प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। अस्पताल के ज्यादातर उपकरण रखरखाव के अभाव में बेकार पड़े थे। कोई भी डॉक्टर विशेषज्ञ नहीं है। हालांकि, इसकी जानकारी मंडल रेल प्रबंधक राजेश गुप्ता तक को है। अस्पताल की शिकायतों से डीआरएम की शिकायतपेटी भर चुकी है।