पीडीडीयू नगर। हिंदी भाषा और साहित्य के प्रतिष्ठित विद्वान डॉ. केशरी नारायण त्रिपाठी का वाराणसी स्थित एक हॉस्पिटल में मंगलवार को निधन हो गया। रविवार को सुबह ब्रेन स्ट्रोक होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर से हिंदी साहित्य जगत और साहित्यिक संस्थाओं में शोक है।
डॉ. केशरी नारायण त्रिपाठी का जन्म 1 जून 1937 को चंदौली जिले के बरहनी ब्लॉक के रामपुर गांव में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1953 में सैयदराजा से इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी की। इसके बाद डीएवी कॉलेज, वाराणसी से स्नातक (बीए) किया।
वर्ष 1962 में काशी विद्यापीठ से हिंदी में एमए और 1964 में बीएचयू से हिंदी विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी। बीएड करने के बाद वर्ष 1964 से 1975 तक उन्होंने नागरी प्रचारिणी सभा में अपनी सेवाएं दीं। 1975 से हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयागराज से जुड़कर हिंदी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाई। संवाद