चंदौली। महिलाओं को स्वावलंबी एवं आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उन्हें रोजगार मुहैया कराने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मुख्यालय स्थित उपायुक्त स्वत: रोजगार कार्यालय में प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। बिजली विभाग के अफसरों ने महिलाओं को बिल वसूली के संबंध में जानकारी दी। साथ ही महिलाओं का एजेंट के रूप में पंजीकरण कराया गया।
शासन की ओर से गरीब महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। जिले में सौ से अधिक स्वयं सहायता समूह हैं और एक लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। इसी क्रम में महिलाओं को बिजली बिल वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी गांवों की शिक्षित महिलाओं को एजेंट बनने का मौका दिया गया है। महिलाएं घर-घर जाकर बकाया बिजली बिल वसूलेंगी। इसको लेकर राष्ट्रीय ग्रामीण कौशल विकास मिशन और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में आपसी सहमति बन चुकी है। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता, एक्सईएन समेत अन्य अफसरों की टीम में महिलाओं की बिजली बिल वसूली के बाबत विस्तार से जानकारी दी। बताया कि अनुबंध के मुताबिक 2000 रुपये तक बकाया बिजली बिल की वसूली पर महिलाओं को प्रति कनेक्शन 20 रुपये भुगतान किया जाएगा। वहीं बिल यदि 2000 से अधिक बिल की वसूली पर प्रति कनेक्शन एक प्रतिशत मिलेंगे। उपयुक्त स्वत: रोजगार ने कहा एमपी चौबे ने बताया कि बकाया बिल की वसूली बिजली विभाग के लिए चुनौती है। ऐसे में महिलाओं की मदद कारगर साबित होगी। महिलाएं ग्रामीण और शहरी इलाकों में बिल की वसूली करेंगी। इससे राजस्व वसूली बढ़ेगी। साथ ही महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।