क्षेत्र के कोड़रियां गांव की दलित बस्ती की महिलाओं ने बुधवार को सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
महिलाओं
ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के इशारे पर गत दिनों पुलिस की हिरासत में
दलित जुगनू को मारपीट कर घायल कर दिया गया था। घायल के मेडिकल में
स्वास्थ्य महकमे की ओर से हेरफेर की गई। इसकी जांच होनी चाहिए। सीएमओ के
आश्वासन के बाद महिलाएं शांत हुईं।
दलित महिलाओं का कहना था कि
कोड़रियां निवासी जुगनू मारपीट के मामले में कोतवाली पुलिस पकड़ कर ले गई
थी, जिसे बाद में जेल भेज दिया गया।
आरोप लगाया कि उक्त दलित को पेशी के
दौरान कुछ लोगों ने मारपीट कर घायल कर दिया। पुलिस जब उसे अस्पताल ले गई तो
विरोधियों के इशारे पर चिकित्सकों ने मेडिकल रिपोर्ट में हेरफेर करने का
काम किया गया। इस मामले में दोषी चिकित्सकों व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई
होनी चाहिए।
कहा कि मामला जिलाधिकारी स्तर का है। उनके निर्देश के बाद ही
इस मामले में आगे कोई कार्रवाई होगी।