आर्थिक तंगी और पति की नशे की आदत से परेशान ज्योति पिछले कई महीनों से मानसिक तनाव में थी। विवाद के बाद ज्योति तीन वर्षीय बेटे गोलू को घर पर छोड़कर छह साल की लाडो को गोद में लेकर घर से निकल गई। पति ने उसके पीछे जाने का प्रयास भी किया, लेकिन वह रास्ते में नहीं मिली।
इसके बाद ज्योति धीना रेलवे स्टेशन के पास पहुंची और अपनी मासूम बेटी के साथ चलती ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी झकझोर देने वाला था। सूचना मिलते ही धीना थाना प्रभारी दिलीप कुमार श्रीवास्तव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मां और बेटी के शवों को कब्जे में लेकर देर रात पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
रविवार को पंचनामा की कार्यवाही पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। थानाध्यक्ष ने बताया कि महिला के मायके पक्ष की ओर से तहरीर की तैयारी की जा रही है। तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज करते हुए आगे की विवेचना की जाएगी। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद के चलते आत्महत्या की घटना सामने आई है।
हम जनती कि अइसन करिहन त जाए ना देले रहतीं
ज्योति की शादी नौ वर्ष पूर्व गाजीपुर जनपद के दिलदारनगर थाना क्षेत्र के मिर्चा गांव में हुई थी। उसके दो बच्चे थे - लाडो (6) और गोलू (3)। लाडो की मौत ने पूरे गांव को भीतर तक हिलाकर रख दिया है। परिजन पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बिलखते नजर आए। पति सुक्खू ने बताया कि मामूली घरेलू विवाद के बाद पत्नी घर से निकली थी और कहा कि वह धीना थाने जा रही है। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। बाद में पुलिस की तरफ से मिली सूचना ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। वह रो-रोकर बार-बार यही कह रहा था कि-हम जनती कि अइसन करिहन त जाए ना देले रहतीं।