बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर अवकाश घोषित होने की वजह से बैंकों में छूट़्टी रही। पैसे की निकासी पूरी तरह एटीएम के भरोसे रही लेकिन ऐसे समय में भी एटीएम ने लोगों को धोखा दे दिया। स्थिति यह रही कि पूरे जनपद में 74 में से मात्र चंदौली में एसबीआई के एटीएम से पैसे निकले। बाकी सभी एटीएम के शटर गिरे रहे और जो खुले वहां कैश नहीं है लिख कर टांग दिया गया। इससे लोग निराश रहे।
नोटबंदी के 28 दिन बाद भी एटीएम की हालत नहीं सुधर सकी है। जैसे जैसे समय बीत रहा है, लग रहा है कि एटीएम की स्थिति और ,खराब होती जा रही है। मंगलवार को मुगलसराय में एक भी एटीएम ने पैसे नहीं दिए। जिले के 74 एटीएम में मात्र चंदौली के एक एटीएम से पैसे निकले। ऐसे में लोग दिन भर पैसे के लिए इधर उधर भटकते रहे। मंगलवार को नगर में विजया बैंक, स्टेट बैंक आफ इंडिया की पांच एटीएम शाखा, एचडीएफसी बैंक की तीन शाखा, पीएनबी, बैंक आफ बड़ौदा, ओरियंटल बैंक आफ कामर्स, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक सहित अन्य बैंकों की शाखाएं बंद रही अथवा बाहर कैश नहीं है लिखा हुआ मिला।
बैंकों मेँ छूट्टी होने की वजह से लोग पैसे निकलने के लिए एटीएम शाखाओं पर पहुंचे लेकिन एटीएम को देख कर बैंक प्रशासन को कोसते हुए लौटे। नगर के परमार कटरा स्थित एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे रवि कुमार ने बताया कि माता जी बीमार हैं दवा लेने के लिए पैसे नही है। एटीएम ने भी धोखा दे दिया। इसी तरह स्टेशन के समीप बैंक आफ इंडिया की एटीएम शाखा पर पहुंचे चतुर्भुजपुर निवासी अजीत कुमार ने बताया कि नोटबंदी के बाद से अब तक एटीएम चला ही नहीं।
इससे पाई पाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है। चकिया संवाददाता के अनुसार नगर में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा की एटीएम, कृषि विकास शाखा की एटीएम, यूबीआई का एटीएम, बैंक आफ बड़ौदा की एटीएम में ताला लटका रहा। सहदुल्लापुर तिराहे पर स्थित इंडिया 1 एटीएम नोट बंदी के बाद से अब तक नहीं खुल पाया। इसके कारण बैंकों के उपभोक्ताओं तथा नागरिकों को पैसे निकालने में परेशानी हो रही है।